जयपुर के एक निजी होटल में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के कार्यक्रम में एक बार फिर बिजली गुल हो गई। ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रम में बार-बार बिजली गुल होने की घटनाएं चर्चा का विषय बन गई हैं। पिछले एक महीने में तीन अलग-अलग कार्यक्रमों के दौरान बिजली सप्लाई बाधित हो चुकी है। 11 जून को जयपुर में भाजपा प्रदेश कार्यालय में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कार्यक्रम के दौरान तीन बार बिजली चली गई थी। इसके बाद 19 जुलाई को कोटा में बिजली व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान भी बिजली गुल हो गई थी। अब जयपुर के एक होटल में आयोजित राजस्थान सोलर एसोसिएशन की RE-BESS समिट की शुरुआत में भी अचानक बिजली चली गई। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने बिजली व्यवस्था और बैकअप सिस्टम को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात ये है कि तीनों कार्यक्रम बिजली और ऊर्जा व्यवस्था से जुड़े रहे और हर बार ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर मौजूद थे। समिट की शुरुआत में गुल हुई बिजली जयपुर के एक होटल में आज सुबह राजस्थान सोलर एसोसिएशन की ओर से आयोजित समिट में रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (RE-BESS) पर चर्चा चल रही थी। सुबह 10 बजे कार्यक्रम की शुरुआत में जैसे ही ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और अन्य अतिथि मंच पर पहुंचे, अचानक पूरे हॉल की बिजली चली गई। हॉल कुछ मिनट के लिए अंधेरे में डूब गया। करीब पांच मिनट बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई, जिसके बाद कार्यक्रम आगे बढ़ा। 19 जुलाई- कोटा में समीक्षा बैठक के दौरान भी अंधेरा इससे पहले 19 जुलाई को कोटा में बिजली व्यवस्था की समीक्षा के लिए आयोजित ऊर्जा मंत्री की बैठक के दौरान भी ऐसा ही घटनाक्रम हुआ था। बैठक चल ही रही थी कि अचानक सभागार की बिजली गुल हो गई। ऊर्जा मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी करीब 5 से 6 मिनट तक अंधेरे में बैठे रहे। स्थिति उस समय और असहज हो गई जब बाहर लगा बैकअप जनरेटर भी समय पर शुरू नहीं हो सका। बिजली विभाग के इंजीनियरों और अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस घटना ने आपातकालीन बैकअप व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। बैठक में मौजूद लोगों के बीच भी यह घटना चर्चा का विषय बनी रही। 11 जून: भाजपा प्रदेश कार्यालय में तीन बार गई थी बिजली 11 जून को जयपुर के भाजपा प्रदेश कार्यालय में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मीडिया संवाद कार्यक्रम के दौरान भी तीन बार बिजली गुल हुई थी। उस समय ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी मंच पर मौजूद थे। बिजली जाने के कारण कार्यक्रम प्रभावित हुआ और रेल मंत्री को कुछ समय तक बिना सामान्य बिजली व्यवस्था के ही मीडिया को संबोधित करना पड़ा। बाद में जांच में सामने आया कि हीरापुरा स्थित 400 केवी ग्रिड सब स्टेशन (जीएसएस) में ट्रिपिंग के कारण जयपुर के कई इलाकों की बिजली प्रभावित हुई थी। दो कर्मचारी सस्पेंड, एक अधिकारी को मिली चार्जशीट भाजपा प्रदेश कार्यालय में बिजली गुल होने की घटना के बाद ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर जांच समिति बनाई गई थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम ने सहायक इंजीनियर विपिन वर्मा और इलेक्ट्रीशियन बाबू सिंह को सस्पेंड कर दिया था। वहीं जयपुर सिटी के अधीक्षण इंजीनियर आर.पी. गुप्ता को चार्जशीट जारी की गई थी। लगातार घटनाओं से उठ रहे सवाल एक महीने के भीतर ऊर्जा मंत्री की मौजूदगी में तीन अलग-अलग कार्यक्रमों के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाओं ने बिजली व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब, जब इनमें से दो कार्यक्रम सीधे बिजली और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े थे। अब लगातार हो रही इन घटनाओं को लेकर लोगों के बीच यही चर्चा है कि आखिर ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रमों में बार-बार "बत्ती गुल" क्यों हो रही है।