अलवर में साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें एक किसान के खाते से 7 लाख 4 हजार रुपए उड़ा लिए गए। ठगों ने बड़ी चालाकी से व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर वारदात को अंजाम दिया। मुबारिकपुर निवासी पीड़ित किसान रिचपाल सिंह ने बताया कि 17 अप्रैल को उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक संदिग्ध लिंक आया था। जिज्ञासावश उन्होंने जैसे ही उस लिंक को खोला, उनके खाते से 1 रुपये कट गए। इसके तुरंत बाद उनका मोबाइल फोन अपने आप चलने लगा और कुछ समय के लिए पूरी तरह हैंग हो गया। हालांकि थोड़ी देर बाद फोन सामान्य हो गया, लेकिन उन्होंने इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया। अलग-अलग ट्रांजैक्शन से 7 लाख उड़ाए दो दिन बाद, 20 अप्रैल को उनके मोबाइल पर बैंक से जुड़े कई मैसेज आने लगे। शक होने पर उन्होंने एक ई-मित्र संचालक को अपना फोन दिखाया। जांच करने पर पता चला कि उनके खाते से 5 से 6 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 7 लाख 4 हजार रुपए निकाले जा चुके हैं। 7 साल की मेहनत से बचाए थे रुपए हैरानी की बात यह है कि किसान रिचपाल सिंह न तो मोबाइल से यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं और न ही उनके पास बैंक से जुड़ा कोई एटीएम कार्ड है। उन्होंने बताया कि यह रकम उन्होंने पिछले 7 सालों में मेहनत से जमा की थी। अब उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिना किसी डिजिटल भुगतान माध्यम के उनके खाते से पैसे कैसे निकल गए। घटना के बाद पीड़ित ने अलवर साइबर थाने में मामला दर्ज कराया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगों ने किस तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया।