राज्य सरकार के "शुद्ध आहार, मिलावट पर वार" अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने कामा कस्बे में बड़ी कार्रवाई की। शनिवार को की गई इस कार्रवाई में लगभग 24,300 लीटर/बोतल पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर और एनर्जी ड्रिंक सीज किए गए। इसके अतिरिक्त, 5,000 लीटर अवधि पार कार्बोनेटेड पेय पदार्थ मौके पर ही नष्ट कर दिए गए। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला, जिला कलक्टर मयंक मनीष और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंघल के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेन्द्र सिंह द्वारा की गई। टीम ने सबसे पहले कामा स्थित बंसल आर.ओ. वाटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में साफ-सफाई का अभाव पाया गया और पेय पदार्थ जमीन पर बिखरे हुए मिले। इस पर फर्म संचालक को एफएसएस अधिनियम की धारा-32 के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया। टीम ने 'ब्लिसरी' नाम से बेचे जा रहे पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर का एक नमूना भी लिया और लगभग 15 हजार लीटर पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर सीज कर दिया। इसी प्रतिष्ठान के गोदाम में लगभग 5 हजार लीटर अवधि पार स्प्राइट और मिरिंडा सहित अन्य कार्बोनेटेड पेय पदार्थ पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसके बाद, टीम ने ब्रिज धाम ट्रेडिंग पर कार्रवाई की। ब्रिज धाम ट्रेडिंग से 'बूस्ट कैंपा' कैफिनेटेड एनर्जी ड्रिंक का एक नमूना लिया गया और उसकी 9,300 बोतलें सीज की गईं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि दोनों प्रतिष्ठानों से कुल दो नमूने लेकर जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, भरतपुर भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं पेय पदार्थों का ही भंडारण और विक्रय करने के निर्देश दिए गए।