जयपुर शहर और आसपास की कॉलोनियों में लेपर्ड की आवाजाही बढ़ती जा रही है। कई बार लोगों पर हमले के बाद लेपर्ड को पकड़ने में प्रोटोकॉल फॉलो नहीं किया जाता। ऐसे में राजस्थान वन विभाग ने राज्य में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है। इस गाइडलाइन में बताया गया कि लेपर्ड को आदमखोर घोषित करने से पहले वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके अलावा लेपर्ड को मारने के बजाय पकड़ने और सुरक्षित स्थान पर ले जाने को प्राथमिकता दी जाएगी। जहां इंसानी जीवन को खतरा न हो, वहां लेपर्ड को अनावश्यक रूप से पकड़ने या दूसरी जगह ट्रांसफर करने से बचा जाएगा। इससे लेपर्ड की सुरक्षा के साथ-साथ इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को कम किया जा सकेगा। मुख्य वन्यजीव वार्डन केसीए अरुण प्रसाद ने बताया- इस SOP में वन अधिकारियों, रेस्क्यू टीमों, जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच समन्वय की रूपरेखा तैयार की गई है। इसमें जानवरों की संख्या के साथ ही आमजन की सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं के पालन पर जोर दिया गया है। लेपर्ड के रेस्क्यू ऑपरेशन में भीड़ को ऐसे करेंगे कंट्रोल नई SOP के तहत उप वन संरक्षक (DCF) रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व करेंगे। वहीं डीसीएफ भीड़ कंट्रोल करने और कानून व्यवस्था बनाने के लिए जिला कलेक्टर और पुलिस के साथ समन्वय करेंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 लागू कर भीड़ को कंट्रोल किया जा सकेगा। लेपर्ड के रहने वाले इलाकों में लोगों को करेंगे जागरूक वन विभाग ने हर रेंज स्तर पर रैपिड रेस्पॉन्स टीम बनाने के निर्देश दिए हैं। बचाव उपकरणों की हर महीने जांच, रिकॉर्ड मेंटेन करना और हर तीन महीने में मॉक ड्रिल करना अनिवार्य किया है। लेपर्ड की मौजूदगी वाले इलाकों में ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। इनमें उनके व्यवहार, पहचान और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के नियमों की जानकारी दी जाएगी। किसी भी सूचना पर फील्ड स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचेगा और सीनियर अधिकारियों को जानकारी देगा। घटनास्थल पर फोटो और वीडियो लेकर सबूत जुटाए जाएंगे। भीड़ को कंट्रोल किया जाएगा। ……. लेपर्ड से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... जयपुर के विद्याधर नगर में फिर घुसा लेपर्ड, VIDEO:बछड़े का शिकार किया, 6 दिन पहले सिविल लाइंस में कैबिनेट मंत्री के बंगले में पहुंचा था जयपुर शहर के रिहायशी इलाके में एक बार फिर लेपर्ड घुस आया था। 25 नवंबर 2025 को रात दो बजे विद्याधर नगर के सेक्टर-10 में लेपर्ड ने एक बछड़े का शिकार भी किया था। लेपर्ड सीसीटीवी में भी कैद हो गया था। (पढ़िए पूरी खबर) जयपुर में मंत्री के बंगले और स्कूल में घुसा लेपर्ड:बच्चे क्लासरूम में बंद, VVIP इलाके में 2 घंटे तक दीवार फांदता रहा तेंदुआ राजधानी जयपुर के VVIP एरिया सिविल लाइंस में 20 नवंबर 2025 को सुबह लेपर्ड पहुंच गया था। लेपर्ड सबसे पहले लेन नंबर 6 पर बने एक घर में घुस गया था। (पढ़िए पूरी खबर) जयपुर में बाथरूम में छुपा लेपर्ड, गार्डन में घूमता रहा:गार्ड ने गेट खोला तो दीवार कूदकर भागा; कॉलोनी में 48 घंटों में 5 बार आया नजर राजधानी जयपुर में आबादी वाले इलाकों में लेपर्ड का मूवमेंट लगातार बढ़ता जा रहा है। सिविल लाइंस और चांदपोल के बाद शहर के पॉश इलाके बजाज नगर में लेपर्ड ने दिसंबर 2025 को डेरा डाला था। यहां 2 कॉलोनी में 8 दिसंबर 2025 को 48 घंटों में 5 बार अलग-अलग घरों में लेपर्ड CCTV में नजर आया था। बजाज नगर की अनिता कॉलोनी में 3 बार और एजी कॉलोनी में 2 बार लेपर्ड दीवार कूदकर घर में घुसते हुए और गार्डन में चहलकदमी करते नजर आया। (पूरी खबर पढ़ें)