राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा- NEET पेपर लीक जैसे मामलों के लिए केवल व्यवस्था जिम्मेदार नहीं है, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों की कमी भी इसकी बड़ी वजह है। शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अच्छे संस्कार भी देने चाहिए। सुधा मूर्ति और अमिताभ बच्चन सहित कई महान हस्तियों का उदाहरण देते हुए कहा कि जीवन में सादगी, ईमानदारी और मेहनत ही स्थायी सफलता दिलाती है। शिक्षा व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोगों की मानसिकता बन गई है कि बच्चे पढ़ें या न पढ़ें पगार तो मिल ही जाएगा। जब तक यह सोच नहीं बदलेगी, तब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं होगी। युवाओं से नशा छोड़ने और दूसरों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि दारू भी आग की तरह फैलती है। अमिताभ बच्चन का उदाहरण देते हुए बताया कि एक दोस्त की सलाह पर उन्होंने शराब का गिलास और सिगरेट फेंक दी थी। राज्यपाल ने ये बात आज महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (MDSU) के 39वें स्थापना दिवस समारोह में कहीं। राज्यपाल ने शिक्षा व्यवस्था, NEET परीक्षा, पेपर लीक, नैतिक शिक्षा और युवाओं की भूमिका पर खुलकर अपनी बात रखी। वहीं NSUI ने आरोप लगाया कि उन्हें राज्यपाल को ज्ञापन देने से रोका गया और हिरासत में ले लिया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षाविद और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। 'पेपर किसने लीक किया, आदमी ने या जानवरों ने?' राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा- 'नीट की परीक्षा हुई और उस पर बहुत चर्चा हो गई। नीट की परीक्षा में पेपर लीक हुए और अभी भी बहुत लोग उसके पीछे पड़े हैं। क्यों हुए? किसने किया? आदमी ने किया या जानवरों ने किया? राज्यपाल ने कहा कि पेपर लीक तो आदमी ने ही किया। हमने उसे क्या पढ़ाया, चोरी की पढ़ाई? या नियत से काम करो यह पढ़ाया? राज्यपाल ने कहा, अब अगले साल 12 महीने के बाद परीक्षा होगी। अभी कानून पास हो गया है। कोई पेपर लीक नहीं करेगा। 10 करोड़ का दंड है। सिपाही, टीचर और किसी छोटे ने किया तो 10 करोड़ कहां से देगा। इससे सभी डरेंगे कि भाई 10 करोड़ कहां से भरेंगे। राजस्थान का रिजल्ट अच्छा, लेकिन मैं संतुष्ट नहीं राज्यपाल ने कहा कि “अभी नीट की परीक्षा हुई। हमारा राजस्थान संख्या के दृष्टि से दूसरे नंबर पर है। परसेंटेज और क्वालिटी की दृष्टि से पहले नंबर पर है।” बागड़े ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि उन्हें यह बताया जाए कि सरकारी और निजी स्कूलों से कितने विद्यार्थी सफल हुए। जनजाति, जाति और अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों का कितना प्रतिशत रहा। उन्होंने कहा, जब इसका शोध करेंगे तो हमारा चित्र स्पष्ट हो जाएगा। अच्छा पढ़ेंगे तो अपनी व्यवस्था कहीं भी कर लेंगे राज्यपाल ने कहा- स्कूलों में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने पर जोर देना होगा। सभी से कहूंगा कि मन स्थिति में आओ कि अपने बच्चों को अच्छा पढ़ाना है। अपने बच्चों को अच्छे पढ़ाएंगे तो वह विश्व में कहीं भी अपनी व्यवस्था कर सकेंगे। अगर नहीं पढ़ेंगे तो गांव में घूमते रहेंगे, डेयरी का काम करेंगे, नहीं तो खेती करते रहेंगे।" तंज- बच्चे पढ़ें न पढ़ें पगार तो मिल रही है राज्यपाल ने शिक्षा व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोगों की मानसिकता बन गई है कि बच्चे पढ़ें तो पढ़ें, न पढ़ें तो अपना क्या जाना... अपना पगार तो मिल ही जाएगा। जब तक यह सोच नहीं बदलेगी, तब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं होगी। आज दुनिया को भारतीय प्रतिभा की जरूरत है। उन्होंने एलन मस्क, डोनाल्ड ट्रम्प और जर्मनी का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया अच्छे इंजीनियर और प्रतिभाशाली युवाओं की तलाश में है। उन्होंने कहा कि विश्व को टैलेंट चाहिए और वह भारत ही दे सकता है। अमिताभ बच्चन ने इच्छाशक्ति से शराब को छोड़ा राज्यपाल ने युवाओं से नशा छोड़ने और दूसरों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दारू भी आग की तरह फैलती है। एक घर से दूसरे घर तक पहुंच जाती है, इसलिए उसे वहीं रोकना होगा। उन्होंने राजस्थान को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत बताई। एक्टर अमिताभ बच्चन का उदाहरण देते हुए कहा कि एक दोस्त की सलाह पर उन्होंने उसी समय शराब का गिलास और सिगरेट फेंक दी थी और फिर कभी नशा नहीं किया। राज्यपाल ने इसे इच्छाशक्ति की ताकत बताते हुए युवाओं से प्रेरणा लेने की अपील की। नाम देना आसान है, नाम पर धब्बा नहीं लगना चाहिए राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती के नाम पर विश्वविद्यालय का होना गर्व की बात है, लेकिन किसी महापुरुष के नाम पर संस्था का नाम रख देना ही पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि बड़ों का नाम देना सरल बात है, लेकिन उनके नाम पर धब्बा नहीं लगना चाहिए। विश्वविद्यालय का दायित्व है कि वह स्वामी दयानंद के विचारों, चरित्र और मूल्यों के अनुरूप शिक्षा का वातावरण बनाए रखें। समाज के समाधान देने वाले युवा तैयार करें विश्वविद्यालय राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री और परीक्षा तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें अनुसंधान, नवाचार, चरित्र निर्माण और समाज की समस्याओं के समाधान का केंद्र बनना होगा। देवनानी ने विद्यार्थियों से नौकरी तलाशने के बजाय स्टार्टअप, शोध और नई तकनीक विकसित कर रोजगार सृजक बनने का आह्वान किया। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय का छात्र होना गौरवशाली है। विधायक के रूप में विश्वविद्यालय की सेवा करना सौभाग्यशाली है। पुराने समय से अजमेर का विशेष महत्व रहा है। पुष्कर की अपनी पहचान है। यहां सम्पूर्ण भारत बसता है। उन्होंने विश्वविद्यालय में एल्यूमनी स्वागत कक्ष के लिए 50 लाख रूपए की राशि विधायक कोष से देने की घोषणा की। NSUI कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का आरोप राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और नई शिक्षा नीति के तहत लागू सेमेस्टर प्रणाली समाप्त करने की मांग को लेकर NSUI अजमेर के जिलाध्यक्ष अंकित घारू के नेतृत्व में छात्र प्रतिनिधिमंडल महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय से राज्यपाल को ज्ञापन देने के लिए रवाना हुआ था। NSUI का आरोप है कि रास्ते में पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को रोककर हिरासत में ले लिया और करीब तीन घंटे तक पुलिस वाहन में अलग-अलग स्थानों पर घुमाया, जिससे वे राज्यपाल को ज्ञापन नहीं सौंप सके। अंकित घारू ने इसे छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए कहा कि छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और सेमेस्टर प्रणाली खत्म करने की मांग प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों से जुड़ी है। NSUI छात्रहित के मुद्दों पर अपना शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेगी। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।