राजस्थान सरकार के वित्त विभाग (नियम अनुभाग) ने राज्य के समस्त सेवारत कर्मचारियों के वेतन निर्धारणों की जांच करने की समय सीमा फिर बढ़ा दी है। अब कर्मचारियों के वेतन निर्धारणों की जांच कर संबंधित प्रमाण पत्र अक्टूबर 2026 के स्थान पर दिसंबर 2026 के वेतन बिलों में अंकित किया जाएगा। इसके आदेश वित्त (नियम) विभाग के संयुक्त शासन सचिव हरिश कुमार लालवानी ने 21 अक्टूबर 2026 को जारी कर दिए हैं। पूर्व में 5 मई, 6 जुलाई और 15 सितंबर 2026 को जारी परि पत्रों के माध्यम से सभी विभागों को कर्मचारियों के वेतन निर्धारणों की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए गए थे। आदेश के तहत कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों के आधार पर पुनरीक्षित वेतनमान, पदोन्नति, चयनित वेतनमान, एसीपी एवं एमएसीपी सहित विभिन्न अवसरों पर किए गए वेतन निर्धारणों की संबंधित नियमों के अनुरूप फिर से जांच की जानी है। पूर्व में इस जांच के संबंध में प्रमाण पत्र अक्टूबर 2026 के वेतन बिलों में अंकित करने के निर्देश दिए गए थे। शिक्षक संघ रेसटा ने कहा- कर्मचारियों को मिल सकेगी राहत शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि वेतन निर्धारणों की पुनः जांच के लिए समय सीमा दिसंबर तक बढ़ाना कर्मचारियों और संबंधित विभागीय कार्मिकों के लिए राहतकारी कदम है। वेतन निर्धारण की प्रक्रिया में सेवा अभिलेखों, पदोन्नति, चयनित वेतनमान, एसीपी एवं एमएसीपी से जुड़े नियमों का बारीकी से परीक्षण करना आवश्यक है। जल्दबाजी में जांच करने से त्रुटियों की आशंका बनी रहती है। सलावद ने कहा कि विभागीय अधिकारियों को कर्मचारियों के वेतन निर्धारणों की जांच पूरी पारदर्शिता और नियमानुसार करनी चाहिए। जांच के दौरान यदि कोई विसंगति सामने आती है तो संबंधित कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए। साथ ही, पूर्व में नियमों के अनुसार किए गए वेतन निर्धारणों में किसी भी प्रकार का संशोधन करने से पहले संबंधित नियमों एवं तथ्यों का समुचित परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।