राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 साल पहले रिटायर हुए जिला और सत्र न्यायाधीश को ग्रेच्युटी की राशि अदा नहीं करने पर सरकार और हाईकोर्ट प्रशासन पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश मातादीन गर्ग की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता को बकाया राशि 9 फीसदी ब्याज सहित अदा करने के निर्देश दिए। याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता 81 साल के हैं। ग्रेच्युटी राशि नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो साल तक भवन खाली करने पर काटी ग्रेच्युटी, बकाया नहीं दी मार्च 1999 में जिला और सत्र न्यायाधीश के पद से मातादीन गर्ग रिटायर हुए थे। रिटायर होने के दो साल तक सरकारी भवन खाली नहीं करने पर संपदा निदेशक ने हाईकोर्ट प्रशासन को पत्र लिखकर उनकी ग्रेच्युटी में से 57 हजार 454 रुपए काटकर शेष राशि जारी करने के लिए कहा था। इसके बावजूद भी याचिकाकर्ता को 27 साल बाद भी बकाया राशि नहीं दी गई। इसे लेकर याचिकाकर्ता की ओर से संबंधित अधिकारियों को कई बार रिप्रजेंटेशन भी दिए गए, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।