राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2025 के लेवल-वन में नियुक्तियां देने पर अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने यह आदेश महेंद्र कुमार और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए लगाई। वहीं कोर्ट ने कर्मचारी चयन बोर्ड को दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया जारी रखने की छूट देते हुए जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया था कि भर्ती में 17 सवालों के जवाबों पर आपत्तियां दर्ज कराई गई थी। इसमें से बोर्ड ने 11 सवाल डिलीट कर दिए थे, लेकिन अन्य सवालों के जवाबों को सही माना था। वहीं याचिकाकर्ता की आपत्तियों को बिना विषय विशेषज्ञ की राय के ही निस्तारित कर दिया था। अब बोर्ड अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने जा रहा है। इस पर रोक लगाई जाए। करीब 5 हजार पदों पर निकली थी भर्ती अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने बताया- कर्मचारी चयन बोर्ड ने पिछले साल 6 नवंबर 2025 को तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती लेवल-वन के करीब 5 हजार पदों पर भर्ती निकाली थी। इसकी लिखित परीक्षा 17 जनवरी को आयोजित हुई थी। इसकी फाइनल आंसर-की 15 जून को जारी हुई थी। इसी के आधार पर बोर्ड ने 11 जून 2026 को भर्ती का परिणाम घोषित किया था। अब सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। यह खबर भी पढ़ें... राजस्थान में 1.23 लाख नई नौकरी मिलेंगी:टीचर-लेक्चरर के सबसे ज्यादा पद बढ़े; 11 साल बाद पैटर्न बदलने का असर नई भर्तियों का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए स्टाफिंग पैटर्न नई उम्मीद बन सकता है। माध्यमिक शिक्षा विभाग में 11 साल बाद स्टाफिंग पैटर्न करने की तैयारी है। इससे यहां पदों की संख्या में बड़ा बदलाव होगा। विभाग में 1 लाख 23 हजार 186 पोस्ट बढ़ाने का प्रस्ताव है। जो वर्तमान में स्वीकृत पदों का करीब 32 फीसदी है। (पूरी खबर पढ़ें)