उदयपुर जिले में साले ने जीजा की हत्या कर दी। साले को शक था कि जीजा ने उसकी बहन की हत्या की है। बहन की मौत का बदला लेने के लिए उसने जीजा का किडनैप किया और 15 किलोमीटर दूर जंगल में पत्थर से सिर कुचलकर मार डाला। ग्रामीणों ने युवक की किडनैपिंग की सूचना पुलिस को दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही साले और उसके साथी ने युवक को मारकर फरार हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया। डीएसपी विवेक सिंह राव ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। गांव में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। घटना ओगणा थाना क्षेत्र के अंबावी उपरेटा गांव में बुधवार सुबह करीब 11 बजे की है। घर में तोड़फोड़, पुलिस वीडियो बनाती रही
ग्रामीणों ने बताया- चोखला बारा निवासी पारू (25) पत्नी पिंटूलाल वडेरा की 24 अप्रैल को तबीयत खराब हो गई थी। उसे परिजन ओगणा अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया, जहां 27 अप्रैल की रात करीब 12:30 बजे उसने दम तोड़ दिया। पारु की मौत के बाद उसके परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया। मंगलवार शाम को 10 से ज्यादा लोग चोखला बारा गांव पहुंचे। ससुराल वालों के आने का पता लगने पर पिंटू वडेरा (28) गांव से भाग गया। ग्रामीणों ने बताया- पिंटू के ससुराल के लोगों ने उसके घर में जमकर तोड़फोड़ की। सूचना पर ओगणा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पिंटू के ससुराल वाले पुलिस के सामने भी घर में तोड़फोड़ करते रहे। पुलिस उनको रोकने के बजाय मोबाइल से रिकॉर्डिंग करती रही। साले ने किया किडनैप, जंगल में ले जाकर हत्या
ग्रामीणों ने बताया- मृतका पारु का भाई करण अपने कुछ साथियों के साथ हथियार लेकर बुधवार सुबह 9 बजे चोखला बारा गांव पहुंचा। इन लोगों ने घर से पिंटू को किडैनप किया और 15 किलोमीटर दूर अंबावी उपरेटा के जंगल में ले गया। इसी बीच गांव के लोगों ने पुलिस को किडनैपिंग की सूचना दी। पुलिस पिंटू की तलाश करते हुए जंगल पहुंची, लेकिन करण ने पत्थर से कुचलकर पिंटू की हत्या कर दी। पुलिस को पिंटू का शव जंगल में पड़ा मिला। पिंटू का साला और उसके साथी मौके से फरार हो गए। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस टीम जंगल में पहुंची तो लाश मिली
थानाधिकारी रामरूप ने बताया- पति ने रिपोर्ट दी थी कि उसकी पत्नी की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इसी मामले की हम जांच कर रहे थे, तभी हमें पति के किडनैप की सूचना मिली। पुलिस टीम तलाशी के लिए जंगल गई, तो लाश मिली। बाकी गांव में चढ़ोतरा प्रथा जैसा कोई मामला नहीं था। पीहर पक्ष के कुछ लोग जरूर आए थे, जिन्हें वापस भेज दिया। तीन भाई-बहनों की जिम्मेदारी थी पिंटू पर
ग्रामीणों ने बताया- पिंटू के पिता भूरीलाल की करीब डेढ़ महीने पहले और मां की 1 साल पहले मौत हो चुकी है। पिंटू भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। माता-पिता की मौत के बाद पिंटू मजदूरी करके अपनी 16 साल और 14 साल की बहनों और 5 साल के भाई की जिम्मेदारी संभाल रहा था। क्या है चढ़ोतरा प्रथा
राजस्थान में विशेषकर मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र के आदिवासी समाज में चढ़ोतरा एक पारंपरिक सामाजिक प्रथा है। मुख्य रूप से इसे 'बदला लेने की परंपरा' कहा जाता है। जब किसी व्यक्ति की हत्या हो जाती है या किसी महिला के साथ छेड़छाड़ या संदिग्ध मौत का मामला सामने आता है, तब पीड़ित पक्ष के लोग हथियारों से लेस होकर आरोपी पर हमला करते हैं। इस दौरान घरों में तोड़फोड़ और लूटपाट की जाती है और कई बार घरों को आग के हवाले भी कर दिया जाता है। पीड़ित पक्ष तब तक शांत नहीं होता, जब तक कि भारी जुर्माना (मौताणा) वसूल न कर ले। इनपुट: दुष्यंत पूर्बिया, झाड़ोल