उदयपुर के खेरवाड़ा इलाके में आबकारी विभाग की टीम ने शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। उदयपुर-अहमदाबाद हाइवे पर खाण्डी ओबरी टोल नाके पर टीम ने एक कंटेनर को घेराबंदी कर पकड़ा, जिसमें से करीब 30 लाख रुपए की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई है। तस्करों ने शराब छिपाने के लिए कंटेनर के अंदर एक गुप्त केबिन बना रखा था, ताकि पुलिस या आबकारी विभाग की नजरों से बचा जा सके। लेकिन सटीक मुखबिरी के कारण तस्करों का यह दांव फेल हो गया। आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि उदयपुर के रास्ते गुजरात की तरफ शराब की एक बड़ी खेप ले जाई जा रही है। इस पर आबकारी आयुक्त नमीत मेहता और अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रदीप सिंह सांगावत के निर्देश पर एक स्पेशल टीम बनाई गई। जिला आबकारी अधिकारी आदरम और उपआयुक्त प्रद्युमन सिंह के मार्गदर्शन में आबकारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह राठौड़ ने खाण्डी ओबरी टोल नाके पर नाकाबंदी की। इस दौरान उदयपुर की ओर से आ रहे एक ट्रक कंटेनर को रुकवाकर उसकी तलाशी ली गई। केबिन में भरा था माल शुरुआत में कंटेनर खाली लग रहा था, लेकिन जब टीम ने गहनता से जांच की तो व्हील कैप की आड़ में एक गुप्त केबिन बना हुआ मिला। इसे खोलकर देखा गया तो अंदर शराब के कार्टून भरे पड़े थे। आबकारी टीम ने मौके से रॉयल चैलेंज और ऑल सीजन ब्रांड के कुल 330 कार्टून बरामद किए। इसमें 1680 बोतलें और 9120 पव्वे शामिल हैं। बरामद की गई पूरी शराब 'फॉर सेल इन चंडीगढ़' मार्क की है, जिसे तस्करी कर गुजरात ले जाया जा रहा था। ड्राइवर पहले भी जा चुका है जेल आबकारी टीम ने मौके से ट्रक चालक मसरी पुत्र श्रवण कोड़ियातार को गिरफ्तार किया है। वह पोरबंदर, गुजरात का रहने वाला है। पूछताछ और रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि मसरी एक शातिर तस्कर है। उसे करीब तीन महीने पहले 29 मार्च 2026 को भी परसाद थाना पुलिस ने 820 कार्टून अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया था। जेल से छूटने के बाद उसने फिर से तस्करी का काम शुरू कर दिया। इस पूरी कार्रवाई में डूंगरपुर के आबकारी निरीक्षक राहुल शर्मा और खेरवाड़ा के प्रहराधिकारी कैलाशचंद्र की विशेष भूमिका रही। टीम में मांगीलाल जमादार, सिपाही बंशीलाल और गार्ड शंकरलाल भी शामिल थे। आबकारी विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह शराब कहां से लोड की गई थी और गुजरात में इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी।