डूंगरपुर जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। 'संस्कार प्रबोधिनी' नामक संस्था की आड़ में फर्जी जॉइनिंग लेटर देकर ठगी का शिकार हुए पीड़ितों ने डूंगरपुर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) और विधायक को शिकायत पत्र सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित युवाओं ने बताया कि उन्हें 'विकसित भारत संकल्प संस्थान' द्वारा संचालित 'श्री गुरुकुल' के नाम पर झांसे में लिया गया। भेमई निवासी अशोक पाटीदार इस संस्थान का संचालन कर रहे हैं। उनके साथ डेंडोरवाडा निवासी निशांत डेंडोर, बड़ौदा गुजरात निवासी हेमा और झोसावा निवासी मणिलाल यादव भी काम करते हैं। आरोपियों ने पीड़ितों को अपनी 'संस्कार पाठशाला' में 'संस्कार शिक्षक' के रूप में प्रतिदिन 2 घंटे काम करने और 10 हजार से 15 हजार रुपए मासिक मानदेय का लालच दिया। उन्होंने प्रत्येक संस्कार शिक्षक से डेढ़ लाख रुपए और ब्लॉक सुपरवाइजर पद के लिए दो लाख रुपए की अवैध वसूली की। पैसे लेने के बाद पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए गए। पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने 2-3 महीने तक काम भी किया, लेकिन उन्हें कोई मानदेय नहीं दिया गया। पीड़ितों ने बताया कि जब उन्होंने बकाया मानदेय और जमा की गई राशि वापस मांगी, तो आरोपियों ने उन्हें संस्थान से निलंबित करने और 25 लाख रुपए का मानहानि का मुकदमा करने की धमकियां देना शुरू कर दिया। पीड़ितों ने अब आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।