खैरथल-तिजारा जिले के मातोर गांव में करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में ग्रामीण पुलिस और प्रशासन के चक्कर लगा रहे है। घटना के सात महीने बीत जाने के बाद भी प्रशासन की सुस्ती से ग्रामीण आक्रोशित हैं। सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों के अनुसार, नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड कंपनी ने आकर्षक योजनाओं और भारी मुनाफे का लालच देकर भोले-भाले लोगों से करोड़ों रुपये जमा करवाए थे। कंपनी के संचालक बाद में अचानक गायब हो गए। इस घटना को लगभग सात महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक न तो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और न ही पीड़ितों को उनकी जमा-पूंजी वापस मिली है। ग्रामीणों ने कंपनी के खिलाफ जयपुर स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 11 फरवरी 2026 को एक सक्षम अधिकारी की नियुक्ति भी की गई थी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई की गति बेहद धीमी है। वे लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। इस ठगी के कारण कई परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं, क्योंकि उनकी जीवनभर की जमा-पूंजी इसमें फंस गई है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि "क्या आम आदमी की मेहनत की कमाई की कोई कीमत नहीं है?" ज्ञापन पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और जल्द से जल्द उनकी राशि वापस दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी जन-आंदोलन की स्थिति में पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।