प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती परीक्षा-2018 में OMR शीट में फर्जीवाड़ा कर सरकारी कर्मचारी बना। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मामले में एक और अभ्यर्थी पिंटू कुमार मीणा को गिरफ्तार किया। फिलहाल एसओजी की टीम आरोपी से पूछताछ में जुट गई है। एसओजी की जांच में सामने आया कि OMR शीट की स्कैनिंग में हेराफेरी कर उसके 158 अंक दर्शाए गए थे, जबकि दोबारा स्कैनिंग करने पर केवल 105 अंक मिले। गिरफ्तार आरोपी पिंटू कुमार मीणा (27) पुत्र बत्तीलाल मीणा, निवासी ढाणी पोखर, गांव सांथा, थाना महवा, जिला दौसा है। आरोपी फर्जी चयन के बाद वर्तमान में झाड़ोल(उदयपुर) के केंद्रीय एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल में एलडीसी (लोअर डिवीजन क्लर्क) के पद पर कार्यरत था, जहां प्रोबेशन अवधि में चल रहा था। 27 अभ्यर्थियों की OMR शीट में की गई थी हेराफेरी एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती परीक्षा-2018 से जुड़े मामले की जांच एसओजी थाना जयपुर में की जा रही है। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आए कि परीक्षा की OMR शीट स्कैनिंग करने वाली एजेंसी राभव लिमिटेड के कर्मचारियों विनोद कुमार गौड़ और शादाब खान ने परीक्षा में शामिल 27 अभ्यर्थियों की OMR शीट में हेराफेरी कर उन्हें अनुचित तरीके से अंतिम रूप से चयनित कराया। एजेंसी के कर्मचारी-निदेशक पहले ही हो चुके गिरफ्तार बंसल ने बताया कि इस मामले में एसओजी पहले ही OMR स्कैनिंग एजेंसी राभव लिमिटेड के कर्मचारी विनोद कुमार गौड़, शादाब खान और कंपनी के कार्यकारी निदेशक रामप्रवेश सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में सामने आया कि एजेंसी के कर्मचारियों और निदेशक ने अभ्यर्थियों से मिलीभगत कर OMR स्कैनिंग के दौरान उनके अंकों में बदलाव किया। 53 अंक बढ़ाकर कराया गया चयन जांच के अनुसार, आरोपी पिंटू कुमार मीणा के OMR स्कैनिंग के दौरान 158 अंक दर्शाए गए थे, जबकि कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा दोबारा OMR शीट स्कैन कराने पर उसके वास्तविक अंक केवल 105 पाए गए। यानी OMR शीट में 53 अंकों की हेराफेरी कर उसे अंतिम रूप से चयनित कराया गया। लगातार तलाश के बाद हुई गिरफ्तारी महानिरीक्षक पुलिस (एसओजी) अजयपाल लांबा के निर्देशन, उपमहानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरविजन और पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में अनुसंधान अधिकारी, पुलिस निरीक्षक यशवंत सिंह द्वारा मामले में वांछित आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही थी। इसी दौरान आरोपी पिंटू कुमार मीणा को गिरफ्तार कर लिया गया। 27 अभ्यर्थियों की भूमिका की जांच जारी एसओजी की जांच में अब तक यह सामने आया है कि OMR स्कैनिंग के दौरान 27 अभ्यर्थियों को अवैध लाभ पहुंचाया गया। एजेंसी के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से अंकों में बदलाव कर उन्हें अंतिम चयन सूची में शामिल किया गया। इस पूरे भर्ती घोटाले में शामिल अन्य अभ्यर्थियों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एडीजी एसओजी विशाल बंसल का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच के आधार पर इस मामले में आगे भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।