दवा भी एक, कंपनी भी एक और बैच भी एक, लेकिन कीमत अलग-अलग। Denbri नाम की दवा के एक मेडिकल स्टोर ने 6,500 और दूसरे ने 17 हजार 98 रुपए वसूले। Bonpth इंजेक्शन के एक मेडिकल स्टोर ने 1554, दूसरे ने 4312 और तीसरे ने 7065 रुपए क्लेम किए। फार्मेसी स्टोर मनमर्जी से रेट लगाकर राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में क्लेम उठा रहे हैं। RGHS में दवाओं के बिलों की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ऐसे फर्जीवाड़े के मामले 10 जिलों में सबसे ज्यादा हैं। इनमें जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, कोटा, भरतपुर,चित्तौड़गढ़, श्रीगंगानगर, अलवर, अजमेर बूंदी और सीकर शामिल हैं। जांच में सामने आया कि एक ही दवा की कीमत अलग-अलग नहीं दिखाई, बल्कि कई दवाओं पर खरीद मूल्य से कई गुना ज्यादा राशि के दावे पेश किए। इसके अलावा मेडिकल स्टोर्स द्वारा नियमों के अनुसार अनिवार्य डिस्काउंट भी नहीं दिया जा रहा। फार्मेसी स्टोर्स की ओर से RGHS को पेश किए गए बिलों में आर्टिफिशियल मूल्य वृद्धि, असामान्य एमआरपी जैसे मामले सामने आए। इसकी पड़ताल शुरू कर दी गई है। फर्जीवाड़ा करने वाले फार्मेसी स्टोर्स से रिकवरी की तैयारी है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सरकारी कर्मचारियों के लिए चलाई जा रही RGHS में हर साल करीब 1500 करोड़ रुपए फार्मेसी पर खर्च होते हैं। योजना में हर रोज करीब 20 हजार बिल जनरेट होते हैं। ब्रांडेड दवाओं पर 12% और जेनरिक दवाओं पर 40% डिस्काउंट देने का नियम है। फार्मेसी स्टोर्स की ओर से बिल पेश करने के बाद RGHS द्वारा भुगतान किया जाता है। हाल ही में दवाइयों के बिलों में अंतर के कई मामले सामने आए। इसके बाद मेडिकल स्टोर्स के बिलों की ऑडिट शुरू की गई। इस ऑडिट में शुरुआती स्तर पर 67 जेनरिक और ब्रांडेड दवाओं के बिलों की जांच की गई है। जांच में यह साफ हो गया है कि बिलों में मनमर्जी से दवाओं की कीमत वसूली जा रही है। एमआरपी से ज्यादा भी वसूले जा रहे हैं। यही नहीं जेनरिक दवाओं को ब्रांडेड बताकर डिस्काउंट में भी खेल किया जा रहा है। यानी एक मेडिकल स्टोर किसी दवा को 7 हजार में दे रहा है तो दूसरा मेडिकल स्टोर उसी दवा को 18 हजार रुपए में दे रहा है। 7 केस से समझिए कैसे 5 गुना तक ज्यादा रुपए क्लेम किए डिस्काउंट में भी घोटाला जिन मेडिकल स्टोर्स पर शक, उनसे रिकॉर्ड मांगे आरजीएचएस द्वारा की जा रही जांच में कई दवाओं के दावों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। Exemptia 40 mg, Denberi इंजेक्शन, Terifrac (Teriparatide) और Trulicity 1.5 mg जैसी दवाओं पर बाजार मूल्य से भी ज्यादा के दावे पेश किए गए हैं। कई दवाओं पर खरीद मूल्य से दो से पांच गुना तक राशि के दावे प्रस्तुत किए गए। जांच के दौरान ऐसे मामले भी सामने आए, जहां Denosumab 60 mg इंजेक्शन (बाजार मूल्य करीब 6 हजार 500 रुपए है) के 18 हजार रुपए के क्लेम पेश किए गए। अब जिन फार्मेसी स्टोर्स के दावों में अनियमितता की आशंका है, उनसे दवाओं के खरीद बिल और अन्य रिकॉर्ड मांगे जा रहे हैं। ------ यह खबर भी पढ़िए… मुफ्त इलाज योजना में फर्जीवाड़ा, सुशीला को बनाया सुशील:मेडिकल स्टोर-डॉक्टर्स की मिलीभगत से करोड़ों का चूना, 25 हॉस्पिटल योजना से बाहर राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों के लिए बनी मुफ्त इलाज योजना (आरजीएचएस) में करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा सामने आया है। डॉक्टर और मेडिकल स्टोर संचालक मिलकर फर्जी बिल बनाकर उन दवाइयों का भुगतान उठा रहे थे, जो कभी बेची ही नहीं गई। पढ़ें पूरी खबर...