कोटा मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल में प्रसूताओं की मौत और किडनी फेल के लगातार हो रहे मामलों में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अपनी ही सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर पर सवाल उठाते हुए उनको कठघरे में खड़ा कर दिया है। मंत्री नागर ने सोमवार को खींवसर को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि कोटा के हॉस्पिटल में प्रसूताओं की किडनी फेल होने से अब तब 4 की मौत ही चुकी है। इमरजेंसी ओटी में फंगस और सीलन से हुए संक्रमण के कारण प्रसूताओं की मौतें हो रही हैं। कई की किडनी फेल हुई और तबीयत बिगड़ी है। इसमें साफतौर पर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही है। इस कारण आमजन का सरकारी हॉस्पिटल से विश्वास उठता जा रहा है। एक तरफ सिस्टम की संवेदनहीनता की शर्मनाक तस्वीर सामने है। वहीं हॉस्पिटल से मात्र 100 मीटर की दूरी पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अपने जन्मदिन के जश्न में डूबे रहे। मंजीरे बजाए और लोगों को भोजन करवाया। बैंडेज खरीद की उच्च स्तरीय जांच हो मंत्री नागर ने पत्र में लिखा- भ्रष्टाचार की लालसा में अधिकारी अनैतिक निर्णय करते जा रहे हैं। भास्कर की खबर से जानकारी में आया है कि नए हॉस्पिटल और एमबीएस हॉस्पिटल में नॉन ब्रांड बैंडेज, गॉज एवं दवाइयों की सप्लाई हो रही है। इससे इन आशंकाओं को बल मिलता है कि प्रसूताओं की मौत इनसे फैले संक्रमण से हुई है या फिर गलत दवाई काम में ली गई है। पत्र में नागर ने खींवसर को लिखा- आपको चाहिए कि कोटा के नए हॉस्पिटल और एमबीएस हॉस्पिटल में पिछले एक साल से खरीदी जा रही बैंडेज, गॉज एवं दवाइयों के संबंध में उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठन हो और अविलंब जांच की जाए। खरीदी प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी हॉस्पिटल के प्रति आमजन का विश्वास बना रहे। ऊर्जा मंत्री ने ऐसा ही एक पत्र सचिव (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं शिक्षा) को भी लिखा है। एक तरफ सिस्टम की संवेदनहीनता दूसरी तरफ मंत्री के जन्मदिन का जश्न कोटा शहर में सिस्टम की संवेदनहीनता की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। एक तरफ न्यू मेडिकल हॉस्पिटल (एनएमसीएच) में प्रसूताओं की मौत से कोहराम मचा है। परिजन सुपर स्पेशियलिटी विंग (SSB) के बाहर न्याय की गुहार लगाते हुए धरने पर बैठे हैं। दूसरी ओर हॉस्पिटल से महज 100 मीटर की दूरी पर अग्रवाल सेवा सदन में प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर दिनभर जन्मदिन का जश्न मना रहे थे। जश्न में करीब 500 लोगों को कराया भोजन दिलावर ने महिलाओं के साथ और मजीरों की थाप पर गीत गाए। जन्मदिन के जश्न पर करीब 500 लोगों के लिए भोजन भी तैयार किया गया। यहां जश्न दिनभर चला। कार्यकर्ता आए, नाचे-गाए और भोज किया। प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के पहले दिन ही दिलावर हॉस्पिटल गए थे। इसके बाद से वे एक भी बार हॉस्पिटल में मरीजों से मिलने या फिर व्यवस्था का जायजा लेने नहीं पहुंचे। मृतक प्रसूताओं के घर पर सांत्वना देने भी नहीं गए। --- मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए- कोटा में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और मौत:2 की किडनी फेल, रातभर रोती रही मरीज; प्रिंसिपल के पोस्टर पर काला रंग पोता कोटा में जेके लोन हॉस्पिटल में भी सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत हो गई है। वहीं 2 महिलाओं की किडनी फेल हो गई है। इधर, मेडिकल कॉलेज के बाहर रविवार को कोटा देहात कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। (पढ़ें पूरी खबर) कोटा में दो महिलाओं की मौत, डॉक्टर बर्खास्त, 3 सस्पेंड:सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 की तबीयत बिगड़ी थी; 2 और मरीजों की किडनी फेल कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती 2 और महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई। किडनी फेल होने पर उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है। इससे पहले सिजेरियन डिलीवरी के बाद 2 महिलाओं की मौत हो चुकी है। (पढ़ें पूरी खबर) किडनी फेल्योर केस-दवाइयों की जांच रिपोर्ट से पता चलेंगे कारण:प्लेन से कोलकाता लैब भेजे सर्जिकल के 9 सैंपल, 14 दिन में आएगी जांच रिपोर्ट कोटा के सरकारी अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में अभी तक कारण सामने नहीं आए हैं। दवाइयां की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कारणों का पता चल पाएगा। ड्रग एंड कंट्रोल विभाग की टीम ने न्यू मेडिकल हॉस्पिटल और जेके लोन से कुल 33 ड्रग-मेडिसिन के सैंपल लिए हैं। 33 में से 9 सर्जिकल के सैंपल जांच के लिए प्लेन से कोलकाता लैब भेजे गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट 14 दिन में आएगी। (पढ़िए पूरी खबर)