स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने पेपर लीक माफिया को सोमवार दोपहर कोर्ट में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया। एसओजी अब पेपर लीक माफिया अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा और कस्टडी में चल रहे RPSC पूर्व मेंबर बाबूलाल कटारा को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। एसओजी ने पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई है। एसओजी सूत्रों के मुताबिक- पेपर लीक माफिया अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा को कोर्ट ने 15 मई तक रिमांड पर सौंपा है। वहीं RPSC के पूर्व मेंबर बाबूलाल कटारा और उसके भांजे विजय डामोर को एसओजी ने 8 मई को अरेस्ट किया था। गिरफ्तार मामा-भांजा 13 मई तक एसओजी की रिमांड पर हैं। एसओजी की ओर से अब गिरफ्तार तीनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। इसमें जानकारी ली जाएगी कि गिरोह ने पेपर को किस-किस तक पहुंचाया। पेपर के एवज में कैंडिंडेट से कितनी रकम ली गई। पेपर लीक प्रकरण में शामिल कैंडिडेंट की भी एसओजी सूची बना रही है। स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा का पेपर 60 लाख में बेचा था कटारा ने एसओजी की प्रथमदृष्टया जांच में सामने आया कि RPSC के पूर्व मेंबर बाबूलाल कटारा ने स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 का पेपर 60 लाख रुपए में आरोपी अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा को बेचा था। साथ ही भांजे विजय डामोर के लिए सामान्य ज्ञान-भूगोल का पेपर मांगा था। कृषि विज्ञान का पेपर तैयार होने के बाद बाबूलाल कटारा अपने सरकारी आवास ले गया था। अपने भांजे विजय डामोर से पेपर को रजिस्टर में लिखवाया। लिखा हुआ पेपर पेपर लीक माफिया अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा को दिया गया। शेर सिंह मीणा की ओर से प्रश्न-पत्रों की प्रतियां तैयार कर विनोद रेवाड़ सहित गिरोह के अन्य मेंबर भूपेंद्र सारण और सुरेश ढाका को उपलब्ध करवाई। इनके जरिए एग्जाम से पहले गिरोह ने कैंडिडेट्स को पेपर पहुंचाकर करोड़ों रुपए वसूले।