रिफाइनरी को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं के बीच वार- पलटवार का दौर जारी है। दोनों तरफ से रिफाइनरी को अटकाने के लिए एक-दूसरे की सरकारों पर आरोप लगा रहे हैं। रिफाइनरी के लोकार्पण वाले दिन गहलोत ने पीएम को गुमराह करने वालों पर कार्रवाई की मांग उठाते हुए तंज कसा था। जिस पर बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने गहलोत पर पलटवार किया। मालवीय ने लिखा कि पीएम पर गुमराह करने से पहले अपने कार्यकाल का हिसाब दे दीजिए। अब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अमित मालवीय पर पलटवार किया है। अमित मालवीय बोले- पीएम पर गुमराह करने से पहले अपने कार्यकाल का हिसाब दे दीजिए अमित मालवीया ने गहलोत पर तंज कसते हुए लिखा- प्रधानमंत्री को गुमराह करने की बात करने से पहले अपने कार्यकाल का हिसाब दे दीजिए। राजस्थान सरकार रिफाइनरी में 26% इक्विटी पार्टनर है। इक्विटी पार्टनर की जिम्मेदारी होती है कि वह समय पर अपना अंशदान दे, लेकिन 2021 से 2023 के बीच आपकी सरकार ने अपनी इक्विटी का हिस्सा जारी ही नहीं किया। 14 बैठकों और बार-बार के रिमाइंडर के बावजूद मंजूरी नहीं दी। इतना ही नहीं, HPCL को भी आपकी ओर से निवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। मालवीया ने लिखा- नतीजा क्या हुआ? परियोजना करीब दो साल तक अटकी रही और लागत 43,000 करोड़ से बढ़कर 79,000 करोड़ से अधिक हो गई। अब जब रिफाइनरी बनकर तैयार है, तो श्रेय लेने चले आए हैं। जूली बोले- गुमराह कौन कर रहा है इसका पता तो HPCL की इन वर्षों की वार्षिक रिपोर्ट्स से ही पता चल रहा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अमित मालवीय पर पलटवार करते हुए लिखा- गुमराह कौन कर रहा है इसका पता तो HPCL की इन सालों की वार्षिक रिपोर्ट्स से ही पता चल रहा है। साल 2020-21 से लेकर साल 2022- 23 की रिपोर्ट्स में पचपदरा रिफाइनरी में कार्यों की प्रगति बताई गई है। साल 2020- 21 की रिपोर्ट के अनुसार- महामारी का समय होने के बावजूद HRRL ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की और अनेक कार्यों को पूरा किया। अलग अलग साल की रिपोर्ट्स के स्क्रीनशॉट देख सकते हैं जो कांग्रेस सरकार के काम की गवाही दे रहे हैं। गहलोत बोले थे- जिन्होंनें पीएम को गुमराह किया उनके खिलाफ कार्रवाई हो गहलोत ने रिफाइनरी के लोकार्पण वाले दिन सवाल उठाते हुए लिखा था- जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुमराह किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लोकसभा में 1 अगस्त 2024 को केन्द्र सरकार ने लिखित में माना कि 15 जुलाई 2024 तक बाड़मेर रिफाइनरी का 80.8% काम पूरा हो चुका था। दिसंबर 2023 तक राजस्थान में कांग्रेस सरकार थी जिसके दौरान इतना काम हुआ था। गहलोत ने लिखा- ढाई साल में बारिश में टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं कर पाने वाली राजस्थान की भाजपा सरकार ने क्या जादू करके 6 महीने में 80% रिफाइनरी बना दी? केंद्र सरकार ने तो मार्च 2025 में काम पूरा करने का संसद में वादा किया पर आज इसके सवा साल बाद काम पूरा हुआ यानी डबल इंजन में भी रफ्तार धीमी रही। सच्चाई यह है कि कोविड जैसी भीषण महामारी, लॉकडाउन और लेबर की भारी किल्लत के बावजूद हमारी सरकार ने एक दिन भी काम रुकने नहीं दिया। गहलोत ने लिखा- प्रधानमंत्री ने काम ठप का रहने का बयान देकर रात-दिन पसीना बहाने वाले हजारों श्रमिकों, इंजीनियरों और अधिकारियों की मेहनत का घोर अपमान किया है। राजनीतिक श्रेय लेने की भूख में सरकारी मंचों को झूठ का अड्डा बनाना और देश के प्रधानमंत्री का इस तरह गुमराह कर उनसे गलत बयान दिलवाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद है। जनता सब देख रही है।