राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने वाली चिकित्सा सुविधा में सोमवार से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब ओपीडी में 2 हजार रुपए तक की सामान्य जांच कराने के लिए पहले से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, 2 हजार रुपए से अधिक लागत वाली जांच के लिए आरजीएचएस पोर्टल से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जांचों के अनुमोदन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 2 हजार तक की जांच सीधे कराई जा सकेगी आरजीएचएस प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. निधि पटेल की ओर से जारी आदेश के अनुसार, डॉक्टर द्वारा लिखी गई सामान्य जांचों की कुल लागत 2 हजार रुपए तक होने पर उन्हें बिना पूर्व अनुमति के कराया जा सकेगा। इससे मरीजों को जांच के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उपचार शुरू करने में देरी भी नहीं होगी। महंगी जांच के लिए पूर्व अनुमति जरूरी यदि डॉक्टर द्वारा लिखी गई सामान्य जांचों की कुल लागत 2 हजार रुपए से अधिक है, तो जांच कराने से पहले आरजीएचएस पोर्टल के माध्यम से अनुमति लेनी होगी। अनुमति मिलने के बाद ही ऐसी जांच कराई जा सकेगी। आपातकालीन मामलों को राहत आपात स्थिति में अस्पताल या चिकित्सक बिना पूर्व अनुमति के जरूरी जांच तुरंत करा सकेंगे। हालांकि, बाद में जांच की आवश्यकता से जुड़े चिकित्सकीय दस्तावेज और उसका औचित्य आरजीएचएस पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। आज से लागू हुए नए नियम यह नई व्यवस्था 13 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है। यह नियम 13 जुलाई 2026 या उसके बाद आरजीएचएस पोर्टल पर प्रस्तुत किए जाने वाले सभी ओपीडी सामान्य जांच संबंधी अनुरोधों पर लागू होंगे।