राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित प्राध्यापक-हिन्दी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में मेवाड़ यूनिवर्सिटी गंगरार की फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी हासिल करने के मामले में सहयोगी रहे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है। यूनिवर्सिटी के कर्मचारी को रिमांड पर लिया पुलिस के अनुसार- आरोपी ध्वज कीर्ति शर्मा (55) निवासी भीलवाड़ा है। आरोपी पहले भी फर्जी डिग्री बनाने के मामलों में संलिप्त रह चुका है। इस पूरे प्रकरण में अब तक कमला कुमारी सहित कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। महिला अभ्यर्थी ने लगाई थी फर्जी डिग्री अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) जयपुर, विशाल बंसल ने बताया कि अभ्यर्थी कमला कुमारी ने आवेदन के दौरान मेवाड़ यूनिवर्सिटी गंगरार से जारी एम.ए. (हिन्दी) की डिग्री लगाई थी। आयोग की ओर से सत्यापन के दौरान डिग्री फर्जी पाई गई। यूनिवर्सिटी ने ऐसी कोई डिग्री जारी नहीं की गई थी। यूनिवर्सिटी अधिकारियों की लगी थी नकली मुहर मामले में 20 मार्च 2023 को अजमेर के सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ कर्मचारियों और अन्य आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर फर्जी मार्कशीट, डिग्री, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और चरित्र प्रमाण-पत्र तैयार किए। इन कागजों पर यूनिवर्सिटी अधिकारियों की नकली मुहर और ध्वज कीर्ति शर्मा के साइन भी थे।