सीकर में विदेश भेजने वाली कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलवाने के नाम पर करीब 64 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया के जरिए युवक आरोपियों के कॉन्टैक्ट में आया था। कंपनी का एक डायरेक्टर नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) के द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। अब वह आरोपी खुद के पक्ष में गवाही देने पर ही पैसे लौटाने की बात कर रहा है। सीकर के बलारां थाना इलाके के बैरास गांव निवासी रविकांत शर्मा ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि सोशल मीडिया पर दिखे ऐड के कारण वह हरियाणा निवासी बलवंत कटारिया के कॉन्टैक्ट में आया। बलवंत ने रविकांत को कहा कि उसकी एक फर्म है, जो विदेश भेजने का काम करती है। आपको इसकी एक फ्रेंचाइजी अलॉट कर दूंगा। इसके बदले 50 लाख रुपए लगेंगे। इसके बाद तीन से चार दिन बलवंत ने रविकांत को कोई भी कॉल नहीं किया। बाद में नाम सहित अन्य जानकारी मांगी। रविकांत ने फ्रेंचाइजी लेने से मना कर दिया। कहा कि मेरे पास इतने पैसे नहीं है, मैं एक साधारण परिवार से हूं। तब बलवंत ने रविकांत को कहा कि मैं तुमसे मिलना चाहता हूं। आप सीकर हेडक्वार्टर पर ऑफिस की व्यवस्था करो। पैसे जैसे बनेंगे, वैसे मुझे देते रहना। फ्रेंचाइजी की फीस नहीं होने पर दोस्त से बात की रविकांत हरियाणा निवासी बलवंत की बातों में आ गया। सीकर में ऑफिस भी ले लिया। बलवंत की पत्नी रेणु और मंजू सिंह ने भी रविकांत को फ्रेंचाइजी लेने के लिए मोटिवेट किया। फ्रेंचाइजी की फीस अकेले नहीं दे पाने के कारण रविकांत ने अपने दोस्त विनोद कुमार से बात की। उसने फ्रेंचाइजी लेने के लिए हां कर दिया। इसके बाद विनोद कुमार ने आरवी कंसलटेंसी नाम की फर्म का गठन किया। उद्घाटन के वक्त बलवंत कटारिया भी मौजूद रहा। इसके बाद बलवंत की कंपनी और आर्मी कंसल्टेंसी के जरिए एक डीड तैयार करवाई गई। इसमें बिजनेस संबंधी एग्रीमेंट था। डीड होने के बाद रविकांत ने रेणु और मंजू को 56 लाख 86 हजार 785 रुपए दे दिए। मानव तस्करी के केस में गिरफ्तार हुआ बलवंत इसके बाद सामने आया कि नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी ने बलवंत कटारिया को मानव तस्करी, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया गया। डायरेक्टर मंजू सिंह फरार हो गई। पूरा कारोबार बलवंत कटारिया की पत्नी रेणु ने संभाल लिया। रेणु ने रविकांत से पहले दिए गए पासपोर्ट का काम करने सहित अन्य काम का नाम लेकर 8 लाख रुपए ले लिए। इधर, जिन लोगों को विदेश भेजने के नाम पर रविकांत और विनोद को रुपए दिए थे। वह रुपए लेने के लिए वापस प्रेशर बनाने लगे। 5 अप्रैल 2026 को जब रविकांत बलवंत कटारिया के घर पर गया तो उसकी पत्नी रेणु ने कहा कि अभी वह नहीं मिल सकते। आप पहले लिखकर दो कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी कोर्ट में चल रहे मुकदमों में हमारे पक्ष में गवाही दोगे तब ही पैसे मिलेंगे। इसी दौरान बलवंत ने पिस्टल दिखाते हुए बातचीत की। फिलहाल बलारां पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।