जयपुर के राजस्थान विश्वविद्यालय में महिला सशक्तिकरण को लेकर आयोजित कार्यक्रम को लेकर विवाद गहरा गया है। छात्र संगठनों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। एक ओर NSUI ने इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से जोड़ते हुए विरोध शुरू कर दिया है, वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कार्यक्रम का समर्थन करते हुए NSUI के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। विवाद को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एहतियातन कैंपस में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सकें। NSUI ने कार्यक्रम होने पर प्रदर्शन की दी चेतावनी दरअसल, मरुधरा नारी संगठन के बैनर तले विश्वविद्यालय के मानविकी पीठ सभागार में विचार गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में RSS से जुड़े पदाधिकारियों के शामिल होने की बात सामने आने के बाद NSUI ने इसका विरोध तेज कर दिया है। NSUI का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए एक विशेष विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो शैक्षणिक माहौल के अनुकूल नहीं है। संगठन ने प्रशासन से कार्यक्रम को तत्काल रद्द करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं किया गया। तो वे बहिष्कार और जोरदार विरोध प्रदर्शन करेंगे। NSUI नेता अमरदीप परिहार ने कहा कि विश्वविद्यालय ज्ञान का केंद्र है, जहां शस्त्र पूजन जैसे कार्यक्रमों के जरिए माहौल को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज आयोजित कार्यक्रम का भी संगठन पुरजोर विरोध करेगा। ABVP ने कहा- कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण विषयों पर आधारित दूसरी ओर ABVP के विश्वविद्यालय संयोजक भारत भूषण ने NSUI के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में किसी भी विचारधारा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करना लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित है, जिसका विरोध करना उचित नहीं है। भारत भूषण ने NSUI पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब अन्य राजनीतिक कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर में होते हैं, तब विरोध नहीं किया जाता, लेकिन राष्ट्रीय विचारधारा से जुड़े कार्यक्रमों का विरोध किया जाता है। इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर अल्पना कटेजा ने स्पष्ट किया कि मानविकी पीठ सभागार को मरुधरा नारी संगठन को किराए पर दिया गया है। विश्वविद्यालय को RSS के कार्यक्रम के रूप में इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। इधर, NSUI कार्यकर्ताओं ने विरोध की तैयारियां तेज कर दी हैं। जल्द ही कैंपस में प्रदर्शन करने की संभावना है। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।