राजस्थान यूनिवर्सिटी में शनिवार को दीक्षांत समारोह हुआ, जिसमें 2.71 लाख छात्रों को 24 सिक्योरिटी फीचर्स वाली डिग्रियां जारी की गईं। इनमें क्यूआर कोड के अलावा एंटी कॉपी जैसे कई फीचर खास हैं। मंच पर 250 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल दिए गए। इनमें 53 छात्र और 197 छात्राएं शामिल रहीं। कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा ने बताया कि फर्जी डिग्रियां रोकने के लिए इनमें क्यूआर कोड के अलावा एंटी कॉपी फीचर खास है, जिसे मैग्नीफाइंग ग्लास से देखने पर तुरंत ऑरिजनल का पता चलेगा। इसके अलावा डिग्रियों में यूवी इनविजिबल इंक, माइक्रो लाइन प्रिंटिंग, ड्यूअल हिडन, फ्लूरोसेंट लोगों, यूवी वेलिडेशन स्टैंप, गोल्ड फॉइल प्रिंटिंग व हिडन आइडेंटिटी फीचर शामिल हैं। डिग्रियां नॉन टेरेबल मेटेरियल से तैयार की गई है। बागडे ने कहा- नशे की आग बुझाना जरूरी राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि अच्छा जीवन जीना है तो ईमानदारी, नैतिकता के साथ चरित्र और राष्ट्रप्रेम हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। देश में लगी नशे की आग को बुझाना जरूरी हो गया है। इस दौरान डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा व राज्यसभा सांसद राधामोहन अग्रवाल भी मौजूद रहे। डी. लिट. उपाधि लेने पोते-पोतियों से साथ आए रिटायर्ड आईपीएस डॉ. के. राम इस बार एकमात्र डी. लिट. की उपाधि इकोनॉमिक्स विषय में रिटायर्ड आईपीएस 72 वर्षीय डॉ. के. राम को मिली। इस दौरान उनके साथ पोते-पोती भी आए थे। दादाजी को राज्यपाल से उपाधि लेते देख वे काफी खुश हुए। के. राम मणिपुर में डीजी पद पर रहे हैं। 1981 बैच के आईपीएस रहे। उन्होंने 49 साल पहले आरयू से ही इकोनॉमिक्स में एमए किया था और गोल्ड मेडल जीता था। आरुषि को ह्यूमन रिसोर्स में गोल्ड आरुषि वर्मा अपने पिता और भाई के साथ समारोह में पहुंचीं। उन्हें ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में गोल्ड मेडल मिला। उन्होंने कहा कि राज्यपाल से गोल्ड मेडल लेकर बहुत गर्व हुआ। इसी तरह डीफ एंड डंब बैचलर ऑफ आ‌र्ट्स में ध्रुव दाधीच को गोल्ड मेडल मिला। हिमांशु को एक साथ 4 गोल्ड मेडल कालाडेरा के रहने वाले हिमांशु दत्त को एक साथ 4 गोल्ड मेडल मिले। उन्हें एक फिजिक्स, दो मैथ्स में और एक बीएससी ओवर ऑल के लिए गोल्ड मेडल दिए गए। हिमांशु अब यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। 50 साल के राजोरिया को संस्कृत में गोल्ड दुर्गेश राजोरिया ने 50 वर्ष की उम्र में संस्कृत में एमए की और उन्हें गोल्ड मेडल मिला है। राजोरिया वर्तमान में चीफ अकाउंट्स ऑफिसर हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञान लेने की कोई उम्र नहीं होती।