बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और मौसम से प्रभावित गेहूं की फसल को लेकर कोटा-बूंदी सहित पूरे प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने राजस्थान में रबी सीजन के लिए गेहूं खरीद के मानकों में शिथिलता के आदेश जारी कर दिए हैं। यह निर्णय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के परिणामस्वरूप लिया गया है। जारी आदेश के अनुसार गेहूं की गुणवत्ता में आई गिरावट को ध्यान में रखते हुए चमक में कमी की सीमा 50 प्रतिशत तक तथा सिकुड़े और टूटे दानों की सीमा 15 प्रतिशत तक कर दी गई है। वहीं क्षतिग्रस्त और आंशिक क्षतिग्रस्त दानों की कुल सीमा 6 प्रतिशत निर्धारित की गई है। किसानों को नुकसान से बचाना और उनकी उपज की अधिकतम खरीद सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इस निर्णय से उन सभी किसानों को राहत मिलेगी, जिनकी फसल बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिकतम किसानों की उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी जाए। मंडियों में किसानों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चले और किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने में कठिनाई न हो। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और मंडियों में खरीद प्रक्रिया को गति मिलेगी।