भरतपुर के रूपवास में रास्ते के विवाद को लेकर हुई महिला के हत्या के मामले कार्रवाई की मांग को लेकर उसके परिजन एसपी ऑफिस पहुंचे। जहां उन्होंने रूपवास पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने महिला की हत्या के आरोप में 8 लोगों को पकड़ा था और, दूसरे दिन 4 लोगों को छोड़ दिया। परिजनों की मांग है कि पुलिस सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार करे। पत्थरों से टकराने के बाद हुआ था विवाद मोहन सिंह निवासी सिरसौदा ने बताया कि 23 मार्च की शाम करीब 7 बजे मैं गांव के रास्ते से घर की तरफ जा रहा था। रास्ते में शीला नाम की महिला का घर पड़ता है। महिला के घर के बाहर पत्थर रखे हुए थे। पत्थरों से मेरी बाइक टच हो गई। इसी पर शीला के परिजन मुझे गालियां देने लगे। तब मैं वहां से चला गया। गालियां देने के बाद किया पथराव कुछ देर बाद मैं अपने घर के काम से वापस उसी रास्ते से निकला। तभी वह मेरे से झगड़ने लगे। इतने में मेरे परिजन वहां आ गए। वह बीच बचाव करवाने लगे। इतने में शीला के परिजनों ने मोहन सिंह के परिजन राजकुमार, छोटू, हेमू, अनीता, विनेश, शीला, वैजयंती, आशा, सुरेश, पप्पी ने मोहन सिंह के परिजनों पर पथराव कर दिया। घटना के 11 दिन बाद महिला की हुई थी मौत एक बड़ा पत्थर मोहन सिंह की पत्नी भूदेवी के सिर पर लगा। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे रूपवास अस्पताल लेकर जाया गया। जहां से उसे रेफर कर दिया। भरतपुर के एक निजी अस्पताल में भूदेवी का इलाज चला। 3 अप्रैल को भूदेवी की मौत हो गई। 8 लोगों में से 4 को पुलिस ने छोड़ा पुलिस ने हत्या के आरोप में शीला के परिवार के 8 लोगों को गिरफ्तार किया और, दूसरे दिन 4 लोगों को छोड़ दिया। मोहन सिंह का आरोप है कf पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही। आरोपी बाहर घूम रहे हैं। जल्द से जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।