राज्य सरकार के निर्देश पर राजसमंद जिले में चल रहे गर्भवती महिलाओं के सघन हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान के तहत 234 गांव और ढाणियों में मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के तहत जांच की गई। इस दौरान 1638 गर्भवती महिलाओं की हेल्थ जांच हुई और 122 हाइरिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई। इनके लिए विशेष निगरानी व्यवस्था शुरू की गई है। अभियान के दौरान प्रसव पूर्व जांच, दवाइयों की उपलब्धता और स्वास्थ्य परामर्श भी दिया गया। 234 गांव और ढाणियों में लगाए गए सत्र राजसमंद जिले में राज्य सरकार के निर्देशानुसार चल रहे इस अभियान के तहत 234 गांव और ढाणियों में मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के सत्र लगाए गए। इन सत्रों में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। 1638 गर्भवती महिलाओं की हुई जांच जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी और कार्यवाहक सीएमएचओ डॉ. सुरेश मीणा ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 1638 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान 122 महिलाओं को हाइरिस्क श्रेणी में चिन्हित किया गया। इन सभी महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच भी कराई गई। डॉ. सुरेश मीणा ने बताया कि प्रत्येक हाइरिस्क गर्भवती महिला के साथ एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता को टैग किया गया है। इन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को महिलाओं की नियमित निगरानी और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 491 गर्भवतियों का प्रसव पूर्व जांच के लिए पंजीकरण अभियान के दौरान 491 गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच के लिए पंजीकरण भी किया गया। सभी सत्र स्थलों पर गर्भवती महिलाओं की जांच के साथ आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं और स्वास्थ्य तथा पोषण से जुड़ी जानकारी और परामर्श भी दिया गया। जिला और ब्लॉक अधिकारियों ने की मॉनिटरिंग अभियान की निगरानी के लिए जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी विभिन्न गांवों में पहुंचे। अधिकारियों ने दवाइयों की उपलब्धता, जांच उपकरणों और स्वास्थ्य रिकॉर्ड का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्वास्थ्य भवन में संचालित विशेष कंट्रोल रूम से अब तक 58 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति और उन्हें मिल रही प्रसव पूर्व सेवाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।