राजसमंद जिले के कुंवारिया तहसील स्थित पीपली आचार्यान गांव की श्मशान भूमि में शुक्रवार को वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत हुई। कुमावत कंस्ट्रक्शन की ओर से शुरू किए गए इस अभियान के तहत क्षेत्र में कुल 6 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान में ग्रामीणों और कंपनी के पदाधिकारियों ने मिलकर पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इसके तहत पीपल, नीम और फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। श्मशान भूमि से शुरू हुआ अभियान पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के उद्देश्य से पीपली आचार्यान गांव की श्मशान भूमि में वृक्षारोपण की शुरुआत की गई। शुक्रवार को कुमावत कंस्ट्रक्शन की ओर से यहां पौधे लगाए गए। 6 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य कंपनी ने पूरे क्षेत्र में कुल 6 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। अभियान के तहत पीपल, नीम और विभिन्न फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। इसका उद्देश्य क्षेत्र में हरियाली बढ़ाना, पर्यावरण संतुलन बनाए रखना और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है। पौधों के संरक्षण का लिया संकल्प वृक्षारोपण के दौरान ग्रामीणों और कंपनी के प्रतिनिधियों ने मिलकर पौधे लगाए और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी लेने का संकल्प लिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद कार्यक्रम में छगनलाल कुमावत, हितेश कुमावत, उपसरपंच मुकेश कुमावत, राज सिंह जाट, देवेंद्र गुर्जर, भगवत सिंह, मंगनीराम कुमावत, कन्हैयालाल माली, किशनलाल धोबी, किशन, पवन कुमावत, गणपत नायक, देव सिंह, दीपक कुमार पारीक, कालीचरण गुर्जर और नरेश तेली सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान युवाओं ने कहा कि पेड़ मानव जीवन और पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद जरूरी हैं। उनका कहना था कि जनभागीदारी से चलाए जाने वाले ऐसे अभियान हरित राजस्थान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।