प्रसिद्ध लोक देवता बाबा रामदेव की जन्मस्थली रामदेरिया में 614 साल बाद 20 करोड़ की लागत से भव्य मंदिर बना है। इसलिए अब रामदेरिया से अलग होकर ग्राम पंचायत भी बाबा श्री रामदेव अवतार धाम के नाम से बनाई गई है। पहले उण्डू, फिर काश्मीर, फिर रामदेरिया पंचायत थी। अब बाबा रामदेव के नाम से ही पंचायत बन गई है। यहां का भव्य मंदिर प्रसिद्ध है। इसका निर्माण 2007 में शुरू हुआ था। 2019 में प्राण-प्रतिष्ठा हुई। भव्य मंदिर की ऊंचाई 110 फीट है। पंचायत की सीमा में स्थित रामदेव तालाब का गहरा पौराणिक महत्व है। मान्यता है कि जन्म के बाद बाल्यकाल में बाबा रामदेव इसी तालाब के किनारे खेलते थे। तब गेंद जंगल में चली गई थी। उसे लेने गए। राक्षस का वध किया। पंचायत में जैसलमेर के पत्थरों से निर्मित मंदिर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ग्राम पंचायत में सड़कों का जाल बिछा हुआ है। डामर सड़कें हैं। यहां भाद्रवा में बाबा रामदेव का भव्य मेला लगता है। जन्मस्थली पर धोक लगाने के बाद भक्त रामदेवरा जाते हैं। हर साल यहां लाखों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर निर्माण में जैसलमेर के पीले पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। इसकी नींव 35 फीट गहरी है। इसमें सीमेंट-कंक्रीट भरा गया है। इससे 7.5 तीव्रता का भूकंप भी बेअसर रहे। इसके निर्माण में 600 टन जैसलमेर की स्वर्णिम आभा वाले पत्थर काम में लिए गए हैं। साथ ही इसमें 60 हजार सीमेंट बैग लगे हैं। 1200 ट्रक कंक्रीट भी काम में ली गई। प्रशासनिक दृष्टि से इस क्षेत्र ने लंबा सफर तय किया है। पहले यह इलाका उण्डू पंचायत का हिस्सा था। उसके बाद यह काश्मीर पंचायत में आया। फिर रामदेरिया पंचायत के अंतर्गत रहा। अब नई पंचायत अवतार धाम है। जनसंख्या : 4200 साक्षरता दर : 80 % जिला मुख्यालय से दूरी :85 किमी कनेक्टिविटी : सड़क से जुड़ा है पहचान : बाबा रामदेव की जन्मस्थली