पांचना बांध के पानी की मांग को लेकर चले लंबे आंदोलन के बाद गंगापुर सिटी विधायक, विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में पूरा घटनाक्रम बताया। उन्होंने कहा, आंदोलन के दौरान कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा धरना स्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने किसानों को जल्द पानी देने का भरोसा दिलाकर धरना समाप्त कराया। इसके बाद सरकार ने चरणबद्ध तरीके से समय दिया। 6 जुलाई तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया। रामकेश मीणा ने कहा, सरकार ने नदी क्षेत्र से पांचना बांध के कमांड क्षेत्र के लिए पानी छोड़ा था। तकनीकी कारणों से पानी अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सका। युवाओं, किसानों में भ्रम बना। कुछ लोगों को आशंका हुई कि कमांड क्षेत्र का पानी जानबूझकर रोका जा रहा है। बाद में मिली जानकारी के अनुसार यह कर्मचारियों के स्तर पर तकनीकी चूक थी। कोई साजिश नहीं थी। उन्होंने कहा, पांचना बांध परियोजना के लिए पानी उपलब्ध कराने में हाई कोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रही। करीब दो दशक पुरानी समस्या का समाधान न्यायालय के आदेश से संभव हुआ। उन्होंने हाई कोर्ट का आभार जताया। इसे किसानों की जीत बताया। उन्होंने कहा, सरकार ने विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाकर सहमति बनाई। सिंचाई का रास्ता खोलने का निर्णय किया। किसानों को राहत मिली। विधायक ने आंदोलन को सफल बनाने में क्षेत्र के ग्रामीणों की भूमिका सराही। उन्होंने सभी गांवों का उल्लेख किया। कहा, सहयोग और समर्थन से आंदोलन मजबूत हुआ। गंगापुर, वजीरपुर, आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। किसानों का उत्साह बढ़ा। कहा, आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। कुछ जगह रास्ता जाम हुआ। आम लोगों को परेशानी हुई। उन्होंने खेद जताया। क्षमा मांगी। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सवाई माधोपुर के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जयपुर से आए अधिकारियों के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा, लगातार पानी बहने से अब पूरी शाखा और उससे जुड़े क्षेत्रों में पानी आगे बढ़ रहा है। बांध में जल संग्रह भी हो रहा है। लिफ्ट सिंचाई योजना के किसानों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया, लिफ्ट परियोजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 61 करोड़ रुपए की नई योजना पर सरकार विचार कर रही है। उन्होंने पांचना बांध पानी आंदोलन में सहयोग देने वाले जनप्रतिनिधियों, किसान नेताओं, महिला शक्ति, सामाजिक कार्यकर्ताओं का आभार जताया। कहा, सामूहिक प्रयास से वर्षों पुरानी समस्या का समाधान संभव हुआ।