रामसीन थाना क्षेत्र के बूगांव में बुधवार को ग्राम पंचायत और राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में सरकारी भूमि से कथित अतिक्रमण हटाया। कार्रवाई के दौरान संबंधित परिवार ने 1993 में जारी पट्टा दिखाते हुए विरोध किया। परिवार ने प्रशासन पर बिना नया नोटिस दिए एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखी और टीम ने करीब 50×80 फीट के भूखंड से चारदीवारी व अन्य निर्माण हटा दिए। परिवार बोला- 30 से 40 साल से है कब्जा, 1993 में मिला था पट्टा परिवार के मनोहर सिंह ने बताया कि भूखंड पर उनका 30 से 40 साल से कब्जा है। तत्कालीन सरपंच माघु सिंह ने 16 अगस्त 1993 को इसका पट्टा जारी किया था। परिवार ने दावा किया कि करीब 3 लाख रुपए में भूखंड खरीदने के बाद यहां चारदीवारी और अन्य निर्माण कराया गया था। भूखंड के अंदर निर्माण सामग्री के रूप में पत्थर और ईंटें भी रखी थीं। मनोहर सिंह के अनुसार, इस मामले में पहले पंचायत की ओर से नोटिस मिल चुका था और प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने का भी दावा किया गया। महिलाओं ने रोते हुए कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई मनोहर सिंह ने आरोप लगाया कि इस बार पंचायत की ओर से कोई नया नोटिस नहीं दिया गया। इसके बावजूद टीम पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी। परिवार की महिलाओं ने रोते हुए प्रशासन से कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई। उनका कहना था कि पैसे देकर खरीदे गए भूखंड को अतिक्रमण बताकर हटाया जा रहा है। चारदीवारी के साथ पत्थर और ईंटें भी हटाईं कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार रविन्द्र सिंह, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी हरनेक सिंह और पुलिस जाब्ता मौजूद रहा। परिवार के विरोध के बावजूद टीम ने चारदीवारी और अन्य निर्माण हटाए। मौके पर रखे पत्थर और ईंटों को भी हटा दिया गया। पंचायत बोली- गोचर भूमि पर किया गया था कब्जा ग्राम विकास अधिकारी हरनेक सिंह ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया था। उन्होंने कहा कि संबंधित भूखंड गोचर भूमि का हिस्सा है और इस पर सुंदर कंवर पत्नी खेतसिंह की ओर से कब्जा किया गया था। पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है।