रणथंभौर टाइगर रिजर्व के कुशालीपुरा वन क्षेत्र में एक लेपर्ड का शावक अपनी मां से बिछ़ड गया। शावक भूख प्यास से परेशान होकर बीमार हो गया, जिसे रणथंभौर टाइगर रिजर्व के वाइल्ड लाइफ हॉस्पिटल लाकर इलाज किया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने इलाज के बाद उसे उसकी मां की टेरेटरी में छोड़ दिया। डिहाइड्रेशन से बिगड़ी तबीयत रणथंभौर टाइगर रिजर्व के वाइल्ड लाइफ हॉस्पिटल के उप निदेशक वेटरनरी डॉ सीपी मीणा ने बताया कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व की आरओपीटी रेंज के कुशालीपुरा वन क्षेत्र में एक लेपर्ड शावक बीमार अवस्था में मिला था। यह शावक अपनी मां से बिछ़ड गया। अपनी मां से बिछड़ने के कारण शावक को डिहाइड्रेशन हो गया था। सूचना पर रणथंभौर टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम की ओर से रेस्क्यू कर वाइल्ड लाइफ हॉस्पिटल लाया गया। इलाज के दौरान शावक को फ्लूड थैरेपी, ऑक्सीजन थैरेपी दी गई। साथ ही शावक को जीवन रक्षक दवाएं देकर उपचार किया गया। शावक के स्वस्थ होने पर उसे रणथंभौर टाइगर रिजर्व फर्स्ट के डीएफओ मानस सिंह के निर्देश पर उसकी मां की टेरिटरी में छोड़ा गया। डॉ सीपी मीणा के अनुसार शावक की उम्र 6 माह है। फिलहाल इलाज के बाद शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं, ऐसे में उसे जंगल में छोड़ दिया गया है।