सवाई माधोपुर जिले के फलोदी टोडरा क्षेत्र में पिछले करीब 25 दिनों से दहशत का कारण बने दो लेपर्ड को रणथंभौर टाइगर रिजर्व की टीम ने गुरुवार देर रात सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर पकड़ लिया। दोनों लेपर्ड को सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद जंगल में छोड़ दिया गया। लेपर्ड की लगातार गतिविधियों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल था और लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया था। 25 दिन से ग्रामीणों में था डर का माहौल फलोदी टोडरा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लेपर्ड लगातार आबादी के आसपास दिखाई दे रहे थे। करीब 25 दिनों से उनकी मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में दहशत थी। लोग शाम होते ही घरों से निकलने से बच रहे थे। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर वन विभाग से लेपर्ड को जल्द पकड़ने की मांग भी की थी। कैमरा ट्रैप और ट्रैकिंग से मिली सफलता रणथंभौर टाइगर रिजर्व प्रथम के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने दिन-रात क्षेत्र में निगरानी रखी। कैमरा ट्रैप, ट्रैकिंग और स्थानीय लोगों के सहयोग से लेपर्ड की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। इसके बाद पूरी सावधानी और वैज्ञानिक तरीके से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। रेस्क्यू अभियान में टीम ने निभाई अहम भूमिका रेस्क्यू अभियान के दौरान सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) अजय और नाका प्रभारी सुमन ने अपनी टीम के साथ लगातार निगरानी रखी और अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुरुवार देर रात दोनों लेपर्ड को सुरक्षित पकड़कर क्षेत्र से हटाया गया और बाद में जंगल में छोड़ दिया गया। दोनों लेपर्ड के रेस्क्यू के बाद फलोदी टोडरा क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं वन्यजीव दिखाई दे तो खुद कोई जोखिम न उठाएं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते सुरक्षित कार्रवाई की जा सके।