सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सफारी कराने वाली गाड़ियां विजिटर्स और जंगली जानवरी की जान से खिलवाड़ कर रही थीं। रिजर्व पार्क में गाड़ियों (जिप्सी-कैंट्रा) की स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटा से कम होनी चाहिए। लेकिन जांच में 80 सफारी गाड़ियां ऐसी पाई गई जो निर्धारित स्पीड से ज्यादा गति से पार्क में दौड़ रही थीं। पर्यटन डीएफओ संजीव शर्मा ने 13 अप्रैल को आदेश जारी किया था। इसमें सामने आया है कि 15 सफारी वाहनों में जीपीएस सिस्टम इनएक्टिव पाया गया। इनकी एंट्री जीपीएस चालू होने तक रोक दी गई है। वन विभाग का कहना है- यह कार्रवाई पर्यटकों, वन्यजीवों और पार्क में आने वाले विजिटर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई। सभी वाहन चालकों को सख्त चेतावनी दी है कि वे सफारी के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करें। ओवरस्पीड पर विभाग सख्त वन विभाग ने 12 मार्च से 7 अप्रैल के बीच सफारी वाहनों की स्पीड चेक की थी। जांच के दौरान 80 सफारी गाड़ियां निर्धारित गति सीमा (40 किमी प्रति घंटे) से अधिक रफ्तार से दौड़ती पाई गई। ऐसी सफारी गाड़ियों की पार्क में एंट्री बैन कर दी गई है। अग्रिम आदेशों तक पार्क में ये सफारी वाहन घुस नहीं पाएंगे। जाहिर है कि ओवर स्पीडिंग को लेकर विभाग ने काफी सख्त रवैया अपनाया है। 21 वाहन चालकों को पहली चेतावनी इसके अलावा 21 गाड़ियों को गति सीमा उल्लंघन के मामले में पहली चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने साफ निर्देश दिए हैं कि भविष्य में नियमों को तोड़ा तो सफारी गाड़ी को हमेशा के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा और रजिस्ट्रेशन कैंसिल तक किया जाएगा।