रणथंभौर टाइगर रिजर्व में जंगली जानवरों के बीमारियों की जांच होगी। इसके लिए सीसीएफ एसपी सिंह और डीएफओ मानस सिंह की ओर से अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए टीमें जगली-जानवरों के वेस्ट (मल) के सैंपल लेकर इनके बीमारियों के बारे में पता लगाएगी। पशुपालन विभाग के डायरेक्टर डॉ. चंद्र प्रकाश मीणा ने बताया कि इसके लिए बाघ, चीतल, सांभर, हिरण और मगरमच्छ समेत बाकी जानवरों में स्किन डिजीज का भी पता लगाया जाएगा। डिजीज सर्विलांस का मुख्य उद्देश्य से अवगत कराया डायरेक्टर डॉ. चंद्र प्रकाश मीणा ने बताया कि इन सैंपल को लेने का कारण है कि वन्यजीवों में फैलने वाली बीमारियों को पहले से पता लगाया जा सकता है। हेल्थ मॉनिटरिंग के दौरान वन्य जीवों का व्यवहार, गेट, आंखों का स्राव, यूरिन इंफेक्शन, शरीर पर घाव और स्किन की बीमारी आदि को ट्रेस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ​बीमारी होने पर सभी तरह के जानवरों का व्यवहार बदल जाता है। ऐसे में उनमें इंसानों के पास जाने का डर खत्म हो जाता है। इसके साथ ही दिन में ज्यादा मूवमेंट करने लगते है। ऐसे में इन सैंपल से इनके बारे में भी स्टडी की जाएगी।