सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में भालू से डरकर बाघ भाग गया। मामला सोमवार शाम को जोन नंबर 5 का है। शाम को सफारी पर निकले पर्यटकों को यहां टाइगर टी-120 (गणेश) के दीदार हुए थे। तभी अचानक एक भालू वहां पहुंच गया। भालू ने आक्रामक (अग्रेसिव) रुख अपनाया और टाइगर की तरफ दौड़ा। इससे टाइगर घबरा गया और भागने लगा। भालू ने टाइगर का करीब 200 मीटर तक पीछा किया। पर्यटकों ने इस रोमांचित करने वाले नजारे को कैमरे में कैद कर लिया। इसका एक वीडियो मंगलवार को सामने आया। अब देखिए PHOTOS… 1980 में नेशनल पार्क का दर्जा मिला था देश में टाइगर प्रोजेक्ट की शुरुआत साल 1973 में हुई थी। इसी साल रणथंभौर राजस्थान का पहला टाइगर रिजर्व बना। साल 1980 में रणथंभौर टाइगर रिजर्व को नेशनल पार्क का दर्जा मिला। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की 2015-16 की रिपोर्ट के मुताबिक, रणथंभौर का क्षेत्रफल और ग्रासलैंड अधिकतम 45 से 55 बाघों के लिए उपयुक्त है। वर्तमान में यहां 77 बाघ, बाघिन और शावक मौजूद हैं। हालांकि रणथंभौर के जंगल में बाघों के अलावा दूसरे जानवरों की भी अच्छी संख्या है। इसके कारण भालू समेत कई जंगली जानवरों से बाघ-बाघिनों का सामना होता रहता है। इन्हीं घटनाओं को कैमरे में कैद करने के लिए देशभर से पर्यटक यहां आते हैं। … ये खबर भी पढ़िए… एक-दूसरे को मार रहे बाघ-बाघिन:मां से अलग होते ही हो जाते हैं हमलावर, 9 साल में 9 की मौत, जानें- क्या है कारण राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में अब बाघों के लिए 'घर' छोटा पड़ने लगा है। अपनी सल्तनत (टेरिटरी) कायम करने की होड़ में बाघ एक-दूसरे के खून के प्यासे हो रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए