RAS- 2024 के रिजल्ट में एक कैंडिडेट ऐसी भी जो 23 साल की उम्र में ही प्रशासनिक अधिकारी बनीं हैं। अपनी सक्सेस जर्नी शेयर करते हुए शालू कस्वां ने अपने इंटरव्यू में पूछे गए सवालों के बार में भी बताया। जो कि काफी इंटरेस्टिंग थे। श्रीगंगानगर की शालू ने पहले ही प्रयास में 8वीं रैंक हासिल की है। वहीं, पड़ोसी जिले बीकानेर की डॉक्टर ऐश्वर्या कंवर भी टॉप-10 कैंडिडेट में है। उन्होंने बताया कि उनसे इंटरव्यू में काम में नेताओं के दबाव, ईरान युद्ध को लेकर भी सवाल किए गए थे। पढ़िए डॉ. ऐश्वर्या और शालू की RAS की टॉप 20 लिस्ट में आने की जर्नी… बीकानेर डॉ एश्वर्या कंवर पिता और भाई का एयरफोर्स से नाता बीकानेर के कोलायत के हादां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में पोस्टेड डॉ. ऐश्वर्या कंवर बताती हैं- MBBS के बाद मैंने पीजी करने से मना कर दिया और नौकरी के साथ आरएएस की तैयारी की। ऐश्वर्या के पिता औंकार सिंह भाटी एयरफोर्स में सार्जेंट से रिटायर्ड हैं। रिटायरमेंट के बाद वो शिक्षा विभाग में टीचर बन गए। ऐश्वर्या के भाई भी एयरफोर्स में सार्जेंट ही हैं। इंटरव्यू में ईरान युद्ध को लेकर सवाल ऐश्वर्या ने बताया कि वे इंटरव्यू को लेकर थोड़ी नर्वस थीं। उन्होंने तैयारी के दौरान सबसे ज्यादा फोकस करंट इश्यू पर किया था। इसका उन्हें फायदा भी हुआ। ऐश्वर्या ने बताया कि उनसे क्या-क्या पूछा गया… सवाल- ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहे तनाव को लेकर भारत की क्या भूमिका है? ऐश्वर्या- भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए तटस्थ रुख अपनाया है। सवाल- क्रिकेट में कप्तान अच्छा प्रदर्शन न करे तो क्या स्थिति होनी चाहिए। ये कितना सही है कि परफॉर्मेंस सही नहीं होने के बाद भी ट्रॉफी उसे ही दी जाती है। ऐश्वर्या- कप्तान केवल खुद के प्रदर्शन से नहीं, बल्कि पूरी टीम को लीड करने से जीत दिलाता है। अगर कप्तान अच्छा खेले] लेकिन टीम साथ न दे, तो जीत संभव नहीं है। सवाल- डॉक्टर होने के बाद प्रशासनिक सेवा में उनकी पढ़ाई किस काम आएगी। ऐश्वर्या- एमबीबीएस में साइकोलॉजी और फोरेंसिक जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं, जो अपराधियों को समझने और केस सुलझाने में काफी मददगार साबित होते हैं। सवाल- अगर किसी लड़की के साथ छेड़छाड़ हो और एक नेताजी आपको आकर कहें कि हम बच्चे को समझा देंगे, कानूनी कार्रवाई में नहीं फंसना चाहते। अब आप क्या कार्रवाई करेंगी? ऐश्वर्या- मैं निश्चित रूप से कानून के साथ रहूंगी। क्योंकि अगर कानून सम्मत कार्रवाई नहीं हुई तो लड़की के साथ कभी भी कुछ भी हो सकता है। श्रीगंगानगर शालू कस्वां पहले प्रयास में ही RAS बनीं जिले के रायसिंहनगर के गांव ततारसर (50 एनपी) की रहने वाली शालू कस्वां आर्ट्स से ग्रेजुएट हैं। उनके पिता चेतराम कस्वां किसान हैं, जबकि मां कमलेश देवी गृहिणी। छोटे भाई पुनीत कस्वां भी पढ़ाई कर रहे हैं। शालू ने बताया- ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद घर पर ही सेल्फ स्टडी शुरू कर दी। कोचिंग का सहारा लिए बिना, अनुशासित दिनचर्या और लगातार मेहनत करती रही। ये मेरा पहला अटेम्प्ट था। शालू ने बताया- घर पर ही आरएएस की तैयारी करना शुरू कर दी। 2 महीने तक तो समझ ही नहीं आया कि तैयारी कहां से शुरू करूं, क्योंकि सिलेबस भी बहुत टफ था। इसके बाद धीरे-धीरे सब्जेक्ट वाइज पढ़ना शुरू किया। हिंदी की तैयारी के लिए एक कोचिंग संस्था का ऑनलाइन कोर्स लिया था। घर के काम भी करती थीं, पढ़ाई भी कभी नहीं छोड़ी शालू ने कहा- मैं सुबह 6 बजे तक उठ जाती और ध्यान कर अपनी पढ़ाई में जुट जाती। सुबह 6 से 8 बजे तक पढ़ाई करने के बाद वह अपनी मम्मी के साथ घर का काम करवाती थीं। सुबह के समय में आप जो भी पढ़ते हैं वह लंबे टाइम तक एक बार पढ़ने से याद रह जाता है। क्योंकि सुबह के समय इंसान का माइंड एकदम फ्रेश रहता है। दोपहर में आराम करने के बाद फिर से शाम 6-7 बजे तक पढ़ती। इसके बाद ब्रेक लेती और फिर रात को 1 बजे तक पढ़ती। यूट्यूब से क्लियर करती थी डाउट शालू ने बताया- सबसे ज्यादा उसका फोकस हिंदी के विषय और करंट जीके पर था। वह देश दुनिया की लेटेस्ट जानकारी के लिए न्यूजपेपर भी डेली पढ़ती थीं। इसके बाद अगर कोई चीज नहीं समझ आती तो वह यूट्यूब पर संबंधित विषय के वीडियो देखती। उसने यूट्यूब पर वीडियो देखकर भी पढ़ाई की है और नोट्स तैयार किए। शालू ने इंटरव्यू का एक्सपीरियंस भी शेयर किया 23 साल की शालू ने बताया कि आरएएस इंटरव्यू को लेकर वे अलग-अलग तरीकों से तैयारी कर रही थीं। उन्होंने ऑनलाइन भी कई कैंडिडेट के एक्सपीरियंस सुने और पढ़े। उनका ज्यादा फोकस करंट अफेयर्स पर था। शालू ने बताया कि उनसे क्या-क्या पूछा गया… सवाल- स्क्रीन पर वर्ल्ड नक्शा रखकर ग्रीनलैंड और वेनेजुएला बताने को कहा गया। शालू- मैंने स्क्रीन पर देखते हुए हाल ही में चर्चित रहे ग्रीनलैंड और वेनेजुएला का नक्शा बता दिया। सवाल - हमारे देश में अकेली रह रही बुजुर्ग महिलाएं हैं, उनके पास जमीन भी है। लेकिन वो उम्र के हिसाब से काम नहीं कर सकती। उनके लिए आप क्या करेंगी। शालू- वह एलिजिबल नहीं है पर उन्हें जरूरत है। अभी हम ऑफिशियल लेवल पर कुछ नहीं कर सकते पर हम भामाशाह के जरिए टेंपरेरी रिलीफ दिला सकते हैं। वहीं] जमीन को लीज पर देकर उनकी आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं। …. RAS रिजल्ट से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. RAS की तैयारी के साथ लड़कियों के कपड़े भी सिले:बेटे के लिए बकरियां तक बेचीं, मंगेतर ने कहा- मैं हमेशा तुम्हारे साथ; पढ़िए-8 कैंडिडेट्स की कहानी राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा-2024 का रिजल्ट इस बार कई मायनों में खास है। इस परीक्षा के कई होनहार की सक्सेस जर्नी लोगों का ध्यान खींच रही है। पूरी खबर पढ़िए… 2. RAS में आधा नंबर से टॉपर बने दिनेश विश्नोई:9वें स्थान पर रहे भूपेन्द्र के इन्टरव्यू में सबसे ज्यादा नंबर; पहले प्रयास में 23 साल की शालू सिलेक्ट राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा-2024 में बाड़मेर के दिनेश विश्नोई ने टॉप किया है। पिछली परीक्षा में उन्होंने 57वीं रैंक हासिल की थी। फिलहाल आरपीएस की ट्रेनिंग कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए…