चूरू जिले में रतनगढ़ पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी एनडीपीएस एक्ट के तहत एक पुराने मामले में भी वांछित था। पुलिस के अनुसार पड़िहारा निवासी पंकज हर्षवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि रूखासर निवासी आरोपी मुकेश लांबा ने धोखे से उनके बैंक खाते की जानकारी, एटीएम और चेक बुक हासिल कर ली थी। इसके बाद आरोपी ने किसी अज्ञात व्यक्ति के माध्यम से साइबर ठगी की विवादित राशि पंकज के खाते में जमा कराई और फिर चेक व एटीएम के जरिए नकदी निकालकर हड़प ली। इस धोखाधड़ी के कारण पीड़ित का बैंक खाता डेबिट फ्रीज हो गया था। पैसे दोगुने करने का झांसा देकर करता था वारदात पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी गौरव खिड़िया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने पीड़ित के बैंक खाते में आई राशि की समन्वय पोर्टल पर जांच की, तो पता चला कि इस राशि के खिलाफ विभिन्न थानों में साइबर शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी मुकेश लांबा को जयपुर से पकड़ा और पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर और शेयर बाजार में ट्रेडिंग के जरिए पैसे दोगुने करने का झांसा देकर पीड़ित के खाते में 2 लाख रुपए डलवाए थे। बाद में उसने पीड़ित से 2 लाख रुपए नकद प्राप्त किए थे। पुलिस कर रही पूछताछ जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मुकेश लांबा रतनगढ़ थाने के एक पुराने मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत न्यायालय द्वारा जारी स्थाई वारंट में लंबे समय से वांछित चल रहा था। फिलहाल पुलिस आरोपी से अन्य साइबर ठगी की वारदातों में संलिप्तता के संबंध में गहनता से पूछताछ कर रही है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी गौरव खिड़िया, हेड कॉन्स्टेबल ओमप्रकाश, कॉन्स्टेबल मुकेश कुमार, दौलत और महेंद्र शामिल थे।