इस बार अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित किया जाता है, साथ ही इस दिन गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन भी किया जाता है। अग्नि पुराण के अनुसार अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है। इस पूजा में भगवान विष्णु के साथ अनंत सूत्र भी पूजा जाता है। गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ 10 दिवसीय गणेशोत्सव अनंत चतुर्दशी के दिन समाप्त होता है। 14 सितंबर को भक्तों ने अपने घरों और पूजा पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना की। कई जगहों पर गणपति की प्रतिमाओं का तीन दिन, पांच दिन या सात दिन बाद भी विसर्जन किया जाता है, जबकि अधिकतर बड़े पांडालों में प्रतिमा की विदाई अनंत चतुर्दशी के दिन होती है। पंडित हरिकृष्ण दाधीच ने बताया कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11:17 बजे से शुरू होगी और 25 की रात 11:06 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को मनाई जाएगी। पंडितों के अनुसार अनंत चतुर्दशी के दिन रवि योग का भी निर्माण हो रहा है। रवि योग में किए गए शुभ कार्यों का विशेष फल प्राप्त होता है। इस दिन रवि योग सुबह 6:11 से 11:22 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में इस योग को शुभ माना जाता है। वहीं, शूल योग सुबह से दोपहर 2:50 बजे तक रहेगा और इसके बाद गण्ड योग शुरू होगा। शतभिषा नक्षत्र सुबह 11:22 बजे तक रहेगा, फिर पूर्व भाद्रपद नक्षत्र लग जाएगा।