हनुमानगढ़ के रावतसर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से दनियासर और धान्धूसर के ​प्रिंसिपलों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का मामला विवादों में आ गया है। दोनों स्कूल ब्लॉक कार्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर हैं। इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए ​प्रिंसिपलों की ओर से मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) को ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई रोकने और भविष्य में वास्तविक परिस्थितियों व प्रगति की समीक्षा के बाद ही नोटिस जारी करने की मांग की गई है। समय सीमा खत्म होते ही नोटिस जारी करने पर आपत्ति ज्ञापन के अनुसार, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ), रावतसर ने 14 अक्टूबर 2026 को दनियासर और धान्धूसर के ​प्रिंसिपलों को एमडीडी किड्स केयर स्कूल का संबद्धता प्रमाण पत्र लाने के लिए कहा था। इसके लिए 12 अक्टूबर तक का समय दिया गया था। आरोप है कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होते ही कार्रवाई की चेतावनी के साथ कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए। ज्ञापन में इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कहा गया है कि काम की प्रगति और वास्तविक परिस्थितियों को समझे बिना इस तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं है। 60 किलोमीटर दूर से प्रमाण पत्र लाने की जिम्मेदारी पर सवाल ज्ञापन में बताया गया है कि दोनों स्कूल ब्लॉक कार्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित हैं। ऐसे में संबद्धता प्रमाण पत्र लाने जैसे काम के लिए स्थानीय कर्मचारियों की मदद ली जा सकती थी। इससे समय और सरकारी संसाधनों की बचत होती। ​प्रिंसिपलों का कहना है कि उन्होंने फोन पर आने वाली दिक्कतों के बारे में भी अधिकारियों को बताया था, इसके बावजूद नोटिस जारी कर दिए गए। ​प्रिंसिपलों पर कई जिम्मेदारियां, कार्रवाई से बढ़ता है तनाव ज्ञापन में कहा गया है कि ​प्रिंसिपलों के पास स्कूल संचालन, शैक्षणिक कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं सहित कई जिम्मेदारियां होती हैं। ऐसी स्थिति में वास्तविक परिस्थितियों की जांच किए बिना कारण बताओ नोटिस जारी करने से अनावश्यक तनाव बढ़ता है। ज्ञापन देने वालों ने मांग की कि अधिकारियों को किसी भी तरह की कार्रवाई से पहले संबंधित ​प्रिंसिपलों की समस्याओं और कार्य की प्रगति को समझना चाहिए। निष्पक्ष समीक्षा कर आवश्यक निर्देश देने की मांग ज्ञापन में सीडीईओ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की गई है। साथ ही कहा गया है कि भविष्य में कारण बताओ नोटिस जारी करने से पहले प्रगति रिपोर्ट और मौके की वास्तविक परिस्थितियों की समीक्षा सुनिश्चित की जाए। जिला अध्यक्ष मनमोहन शर्मा के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपकर मामले में उचित कार्रवाई की मांग की गई।