खान एवं भूविज्ञान निदेशालय ने प्रदेश में अप्रधान खनिजों से राजस्व संग्रहण के लिए 28 ठेका क्षेत्रों की ई-नीलामी का कार्यक्रम जारी किया है। राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियम, 2017 के तहत विभिन्न जिलों में खनिजों पर अधिक अधिशुल्क वसूली के साथ अधिशुल्क (रॉयल्टी), जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (डीएमएफटी) और राजस्थान राज्य खनिज अन्वेषण न्यास (आरएसएमईटी) की राशि के संग्रहण के ठेके दिए जाएंगे। ऑनलाइन बोलियां 12 से 16 अक्टूबर तक लगेंगी। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक मंच पर अलग-अलग क्षेत्रों के लिए समय तय किया गया है। ठेकों की अवधि 31 मार्च 2028 तक होगी। विज्ञप्ति के अनुसार, अवधि 1 अप्रैल 2026 या संविदा निष्पादन की तारीख से लागू होगी। उदयपुर और सलूंबर जिले के तीन ठेका क्षेत्रों के लिए 14 और 16 अक्टूबर को ऑनलाइन बोलियां लगेंगी। इनकी आरक्षित राशि कुल 22.23 करोड़ रुपए से अधिक है। ऋषभदेव, खेरवाड़ा और नयागांव तहसीलों को छोड़कर पूरे उदयपुर जिले तथा सलूंबर जिले की सराड़ा और सेमारी तहसीलों की राजस्व सीमा में मार्बल, सर्पेन्टाइन, ग्रेनाइट और फिलाइट सिस्ट खनिजों के प्रभावी खनन पट्टों से निकलने वाले खनिजों पर अधिक अधिशुल्क वसूली का ठेका दिया जाएगा। इसकी आरक्षित राशि 8.57 करोड़ रुपए से अधिक है। बोली 14 अक्टूबर को दोपहर 1 से 3 बजे तक लगेगी। सर्पेन्टाइन खनिज का ठेका 12.13 करोड़, चेजा पत्थर का 2.52 करोड़ से अधिक, 16 तक लगा सकेंगे बोली खेरवाड़ा व ऋषभदेव तहसील की राजस्व सीमा में सर्पेन्टाइन खनिज के खनन पट्टों से निकलने वाले खनिज पर अधिक अधिशुल्क वसूली का ठेका दिया जाएगा। इसकी आरक्षित राशि 12.13 करोड़ रुपए से अधिक है। बोली 14 अक्टूबर को दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक होगी। इन्हीं दोनों तहसीलों की राजस्व सीमा में मेसेनरी स्टोन यानी चेजा पत्थर के खनन पट्टों से निकलने वाले खनिज पर अधिक अधिशुल्क वसूली का ठेका दिया जाएगा। इसकी आरक्षित राशि 2.52 करोड़ रुपए से अधिक है। बोली 16 अक्टूबर को दोपहर 12 से 2 बजे तक लगेगी। प्रदेश के इन जिलों में भी नीलाम होंगे ठेके जमा होगी आरक्षित की 10% राशि ऑनलाइन बोली प्रक्रिया 12 अक्टूबर से शुरू होकर 16 अक्टूबर तक चलेगी। प्रत्येक ठेका क्षेत्र के लिए सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है। बोली समाप्त होने से ठीक 8 मिनट पहले यदि कोई नई बोली लगती है, तो नीलामी का समय अपने आप 8 मिनट बढ़ जाएगा। बोली आरक्षित राशि से अधिक की लगानी होगी और इसमें 10 हजार रुपए के गुणांक में बढ़ोतरी की जा सकेगी। बोली लगाने के लिए संबंधित ठेके की आरक्षित राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा अमानत राशि के रूप में ई-वॉलेट में जमा कराना होगा।