प्रदेश में अपराध को लेकर शुक्रवार को सीएम भजनलाल शर्मा ने पीएचक्यू में पांच घंटे समीक्षा की। सीएम ने कहा कि एक अधिकारी ने 40 लोगों से पोस्टिंग के लिए सिफारिश करवाई। ऐसे में जब उसकी पोस्टिंग उस जगह हो जाएगी तो वह काम क्या करेगा? इसी तरह परिचित एसएचओ ने फोन किया और कहा कि उसके इलाके में कोई घटना हो गई है। इसको लेकर 5 बार एसपी को फोन कर चुका हूं, लेकिन वे रिस्पॉन्स नहीं दे रहे। ऐसे में जब किसी भी तरह की सूचना आए तो अधिकारियों को रिस्पॉन्स देना है। सीएम ने कहा कि रेंज स्तर पर समीक्षा की जाएगी। रेंज आईजी को पता होना चाहिए कि उसके क्षेत्र में कैसे अधिकारी लगे हैं? सीएम ने कहा कि बजरी मामले में पुलिस का नाम नहीं आना चाहिए। दुष्कर्म के मामलों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई मामले जांच में झूठे पाए जाते हैं। ऐसे में गलत मामला दर्ज कराने वालों के खिलाफ इस्तगासा पेश हो। साथ ही डीजीपी ने पॉक्सो मामलों में ई-साक्ष्य को एविडेंस के रूप में लेने की बात कही। शेष | पेज 7 तस्करी का रूट पता है, पर कार्रवाई नहीं सीएम ने मीटिंग में कहा कि तस्करी का रूट सबको पता है, मगर पुलिस नहीं पकड़ती। ऐसा नहीं है कि तस्कर किसी अलग रूट से जाते हैं। तस्करों पर अंकुश के लिए अलग से विंग बनाई गई है, लेकिन जिलों की भी जिम्मेदारी है कि वे कार्रवाई करें। इस दौरान एसओजी अधिकारियों ने बॉर्डर इलाकों में एसओजी की चौकियां खोलने और सीसीटीवी कैमरे लगवाने की बात कही।