अजमेर हाईवे से बगरू इंडस्ट्रियल एरिया में जाने के लिए रीको ने 33 साल पहले दहमीकलां में रास्ते के लिए 1 बीघा 10 बिस्वा (डेढ़ बीघा) जमीन खरीदी थी, लेकिन अब तक वहां सड़क नहीं बनाई गई। रीको ने जमीन की रजिस्ट्री तो करवा ली, लेकिन नामांतरण खुलवाना भूल गया। अब स्थिति यह है कि करीब 4 से 5 करोड़ रुपए कीमत की इस जमीन पर कब्जे हो गए हैं और स्थानीय लोग रास्ते के लिए परेशान हैं। रीको ने 14 अक्टूबर 1993 को ग्राम दहमीकलां के खसरा नंबर 1827 से 1831 तक कुल 1 बीघा 10 बिस्वा भूमि खरीदी थी। उपपंजीयक सांगानेर कार्यालय में इसकी रजिस्ट्री भी हुई थी। दस्तावेजों के अनुसार उसी दिन रीको ने जमीन का कब्जा भी संभाल लिया था। यह भूमि अजमेर रोड को बगरू औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ने वाली मुख्य सड़क का हिस्सा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रीको की बेशकीमती जमीन पर उसके ही अधिकारियों का ध्यान नहीं है।अधिकारियों की इसी लापरवाही के चलते जमीन पर कब्जे हो गए। स्थानीय लोग 2023 से रास्ते की समस्या को लेकर रीको और जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके हैं। कलेक्टर ने कहा- वाद दायर करो, रीको ने किया ही नहीं रीको की सलाहकार इंफ्रा निमिषा गुप्ता ने कलेक्टर को पत्र लिखकर तहसीलदार सांगानेर से नामांतरण खुलवाने का आग्रह किया था। जवाब में कलेक्टर ने 8 जनवरी को रीको को सक्षम कोर्ट में वाद दायर करने के लिए कहा। रीको ने अब तक वाद दायर नहीं किया। “बगरू इंडस्ट्रियल एरिया में जाने के लिए जमीन रीको ने खरीदी है। इसकी रजिस्ट्री 33 साल पहले ही रीको के नाम है। इस पर कई लोगों ने कब्जा कर लिया है।” -जीके शर्मा, रीजनल मैनेजर, बाइस गोदाम, रीको