​दो साल से बारिश में धंसी फर्नीचर वाली रोड जैसे-तैसे बन तो गई, लेकिन 2 महीने से करीब 40 हजार राहगीरों को ये सड़क चलने के लिए नसीब नहीं हो रही। वजह, सिर्फ चंद लोगों का विरोध। विरोध भी ऐसे लोग कर रहे हैं, जिन्हें तकनीकी समझ नहीं है। इन लोगों का कहना है कि सीवरेज का लेवल नीचे करने के बाद सड़क खोली जाए। इसका नुकसान ये होगा कि नगर निगम के पास का पानी नहीं निकल पाएगा। निगम भी ऐसा दबाव में आया कि पूरी चुकी सड़क राहगीरों के लिए शुरू नहीं कर पा रहा है। 2024 के मानसून में ये सड़क 20 फीट गहरी और करीब 30 फीट लंबाई में धंस गई थी। तब कई फर्नीचर हाउस की बिल्डिंग को खतरा हो गया था। भास्कर ने मुद्दा उठाया तो धंसी सड़क को ठीक किया गया। 2025 के मानसून में फिर सड़क बैठ गई। फिर मुद्दा उठाया तब जाकर बीडीए ने सीसी रोड बनाई। पूरी रोड बनने के बाद सूरसागर के पास 10 फीट चौड़ी सड़क को लेकर विवाद हो गया। कुछ लोगों ने यहां स्लैब बनाने पर आपत्ति की। उनका कहना था कि अगर स्लैब बनाया गया तो सड़क का पानी नहीं निकल पाएगा। निगम का तर्क था कि अगर स्लैब नहीं बनाया गया तो सीवरेज का लेवल नीचे करना पड़ेगा। लेवल नीचे किया तो पीछे से आने वाला पानी नहीं निकल पाएगा। हालांकि अब खबर आ रही कि निगम ने स्लैब की जगह लोहे का जाल लगाने का निर्णय लिया है। जिससे पानी भी निकल जाएगा और सीवरेज का लेवल भी नीचे नहीं होगा। वैक​ल्पिक तरीका तय हो गया। लोहे का जाल डालकर रास्ता खोल देंगे। जल्दी ही ये काम हो जाएगा क्योंकि जाल तैयार हो गया है। रही बात अतिक्रमण की तो अतिक्रमण शाखा को निर्देश दिए हैं कि सड़क में जो भी चीज बाधा बने उसे दूर करें। -यशपाल आहूजा, उपायुक्त, नगर निगम अति​क्रमण भी बड़ी समस्या ये रोड जूनागढ़ मार्ग का विकल्प है। इस रोड पर कब्जे इतने हो गए कि यहां से चार पहिया वाहन लेकर निकलना मुश्किल है। वजह, फर्नीचर का सामान लेने वाले वाहन एक साइड में खड़े हो जाते हैं। दूसरी साइड में फर्नीचर हाउस का सामान, सीढ़ियां और रैंप हैं। अक्सर यहां लोगों की वाहन चालकों से कहासुनी होती है। यहां के लोग समस्या होने पर तो निगम पहुंच जाते हैं मगर कब्जों और सड़क पर वाहन खड़े करने को लेकर कुछ नहीं बोलते। सूत्र बताते हैं कि निगम अब यहां ​​अतिक्रमण हटाने की तैयारी कर रहा है। वो इसलिए क्योंकि ये केईएम रोड, फड़बाजार आने का वैकल्पिक मार्ग है और सिर्फ फर्नीचर की दुकानों के आगे ही लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। "वैक​ल्पिक तरीका तय हो गया। लोहे का जाल डालकर रास्ता खोल देंगे। जल्दी ही ये काम हो जाएगा क्योंकि जाल तैयार हो गया है। रही बात अतिक्रमण की तो अतिक्रमण शाखा को निर्देश दिए हैं कि सड़क में जो भी चीज बाधा बने उसे दूर करें।" -यशपाल आहूजा, उपायुक्त, नगर निगम