शहर को वैशाली वाया अजमेर रोड होते हुए रिंग रोड तक कनेक्ट करने वाली सिरसी रोड 20 मीटर तक दो हिस्सों में बंट गईं। डेढ़ किमी में पांच जगह गहरे गड्ढे हो गए। बालाजी हॉस्पिटल के सामने से 500 मीटर के दायरे में तो 8 फीट से अधिक गहरे गड्ढे हैं। बारिश व्यवस्थाओं को बहा ले जा रही है और रेनकोट पहने जिम्मेदारों को लगता है कि चंद बूंदें क्या ही बिगाड़ेंगी? भास्कर छह महीने पहले बनी इस सड़क के गड्ढों की पड़ताल कर लापरवाही की डामर निकालकर लाया है। बता दें कि ठेकेदारों ने ड्रेनेज लाइन में खामियां छोड़ीं, आठ महीने तक जिम्मेदारों ने ग्राउंड पर उतरकर काम जांचा ही नहीं। रविवार रात बारिश आई और बता गई कि भइया! आपके ठेकेदार ने काम बिल्कुल भी सही नहीं किया। अब दोष किसको दें? जाहिर तौर पर शहर को गर्मी से राहत देने वाली बारिश को ही अब दोषी करार दे दिया जाएगा। बाकी सब छूट जाएंगे। बता दें कि जेडीए ने सिरसी रोड अंडरपास से मूंडिया रामसर तक ड्रेनेज सिस्टम डालने का ठेका 35 करोड़ में दिया था, जो मानसून की बारिश में ही बह गए। सड़क धंसने की जानकारी जेडीए अधिकारियों को सुबह 8 बजे मिली, लेकिन उससे पहले ही स्थानीय लोगों ने सुबह 6 बजे सड़क के दोनों ओर कांटेदार झाड़ियां लगाकर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया। 2 साल में 2 बार खुदी सड़क, खत्म हो गई लायबिलिटी सिरसी रोड पर 15 किमी क्षेत्र में दो साल पहले सीवर लाइन डाली गई थी। इसके बाद सड़क बनी थी, लेकिन छह महीने बाद ही ड्रेनेज सिस्टम के लिए दोबारा सड़क खोद दी गई। इससे लायबिलिटी खत्म हो गई। छह महीने तक चले ड्रेनेज कार्य के बाद बालाजी हॉस्पिटल के सामने करीब डेढ़ किमी हिस्से में नई सड़क बनाई गई। शेष हिस्से को जीएसबी-डब्ल्यूएमएम डालकर छोड़ दिया गया। सोमवार को जिस स्थान पर सड़क धंसी, वहां छह महीने पहले ही सड़क बनी थी। अफसरों की 3 बड़ी खामियां... अब जनता भुगतेगी