राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के एक क्लर्क को गिरफ्तार किया गया है। क्लर्क की ओर से प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में डमी कैंडिडेट बैठाने का मामला सामने आया था। मामले में RPSC सचिव ने खुद एफआईआर दर्ज करवाई थी, जिसके बाद एसओजी ने मंगलवार को क्लर्क को पकड़ा। क्लर्क की मदद से डमी कैंडिडेट से दिलवाई थी परीक्षा दरअसल, अभ्यर्थी राजेश कुमार मीणा (रोल नंबर 730447) ने इतिहास और सामान्य ज्ञान विषय की परीक्षा में अपनी जगह डमी कैंडिडेट बैठाया था। प्रवेश-पत्र पर अपनी जगह डमी कैंडिडेट की फोटो को लगाया था। इसके अलावा हस्ताक्षर और जन्म तिथि में भी हेरफेर कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इस फर्जीवाड़े में उसके परिचित RPSC में क्लर्क मानसिंह मीणा ने उसका साथ दिया था। इस पूरे फर्जीवाड़े के बाद अभ्यर्थी ने मुख्य चयन सूची में 569वीं रैंक हासिल की थी। कागजों की जांच के बाद फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद RPSC सचिव ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। लिपिक ने इन दो सेंटर पर डमी अभ्यर्थी से दिलवाई थी परीेक्षा ऐसे आया फर्जीवाड़ा सामने, आयोग सचिव ने SOG को दिए थे सबूत आयोग ने संदिग्ध दस्तावेजों की गहनता से जांच की। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने 25 फरवरी 2025 को जयपुर स्थित एसओजी थाने में अभ्यर्थी राजेश कुमार मीणा के विरुद्ध नामजद मामला दर्ज करवाया। आयोग सचिव ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि यह सीधे तौर पर राजस्थान लोक सेवा आयोग की परीक्षा की शुचिता को खंडित करने और धोखाधड़ी का मामला है। क्लर्क का परिचित ही है अभ्यर्थी आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए इनपुट के आधार पर एसओजी ने कार्यवाही करते हुए आयोग में ही कार्यरत क्लर्क मानसिंह मीणा निवासी-सोप, तहसील- नादोती, जिला करौली को मंगलवार (12 मई) को गिरफ्तार किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि मानसिंह और अभ्यर्थी राजेश कुमार मीणा परिचित हैं। मानसिंह मीणा ने 10 नवंबर 2020 को आयोग में कनिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यग्रहण किया था।