टोंक शहर के वार्ड नंबर 22 के तारण गांव में स्कूली बच्चों से भरी बस गड्ढे और कीचड़ में फंस गई। बस के पलटने जैसे हालात बन गए, जिससे करीब 40 बच्चों की जान खतरे में पड़ गई। हालांकि ड्राइवर की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। ड्राइवर ने तुरंत बस को नियंत्रित कर वहीं रोक दिया और धीरे-धीरे बच्चों को कीचड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद बच्चों को दूसरे वाहन से बच्चों को भेजा गया। ग्रामीण बोले - सड़क और नालियों की समस्या से जीना मुश्किल घटना ने एक बार फिर नगर परिषद और प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर पानी भरा रहता है और जगह-जगह गड्ढों में आए दिन वाहन फंसते रहते हैं। कई बार बाइक सवार गिर चुके हैं और चौपहिया वाहन भी कीचड़ में फंस जाते हैं। ग्रामीण राजेश यादव ने बताया - वर्षों से सड़क पर कीचड़ और गंदा पानी जमा रहता है, लेकिन नगर परिषद और प्रशासन कोई ध्यान नहीं देता। नालियों का निर्माण नहीं होने के कारण लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि आज बस पलटने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह समस्या अब गंभीर हो चुकी है। छात्रों ने बताया रोजाना का जोखिम गांव के छात्र हर्षल यादव ने बताया - आज बस में छोटे बच्चे भी सवार थे। अगर बस पलट जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। यह पहली घटना नहीं है, यहां रोजाना लोग कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं। कलेक्टर से समाधान की मांग स्थानीय निवासी सोहन यादव ने जिला कलेक्टर टीना डाबी से मांग की है कि गांव की इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। लोगों ने कहा कि पानी निकासी और नालियों के निर्माण के बिना हालात नहीं सुधर सकते। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।