चूरू के बीआरओ जवान जगवीर रेपसवाल (40) का अरूणाचल प्रदेश में निधन हो गया। पहाड़ी क्षेत्र में बचाव दल के साथ काम करते समय जगवीर के ऊपर पत्थर गिरने से उनकी मौत हो गई थी। शनिवार को जवान जगवीर की पार्थिव देह सादुलपुर पहुंची। यहां से सुबह 10 बजे तिरंगा यात्रा पैतृक गांव लंबोर के लिए रवाना होनी थी। लेकिन परिजन और ग्रामीण जवान को शहीद का दर्जा देने की मांग करने लगे। अपनी मांगों को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठ गए और प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलते ही सादुलपुर विधायक मनोज न्यांगली, एसडीएम मनोज गेंदा, थानाधिकारी राजेश सिहाग समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से समझाइश करने लगे। लोगों की मांगों को लेकरविधायक मनोज न्यांगली ने केबिनेट सैनिक कल्याण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से बात की। इसके बाद विधायक ने जिला कलेक्टर से बात कर ग्रामीणों की ओर से आधे घंटे का अल्टीमेटम दिया। ग्रामीणों ने मांगें नहीं मानने पर रोड जाम करने की चेतावनी दी। धरने के बीच मौके पर पैरा ओलंपियन देवेंद्र झांझरिया भी पहुंचे। उन्होंने भी जिला कलेक्टर से फोन पर बात की और परिजनों को कल ही सीएम से मिलने का आश्वासन दिया। हालांकि परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। देखें प्रदर्शन से जुड़ी PHOTOS ग्रीफ के सैनिकों को नहीं मिलता शहीद का दर्जा भूतपूर्व सैनिक संघ के पूर्व अध्यक्ष जगत सिंह ने बताया - जगवीर BRO की जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) में तैनात थे। ग्रीफ के सैनिकों को फौज की बाकी सुविधाएं तो मिलती हैं, लेकिन शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता। मौके पर पहुंचे विधायक ने इन सब मांगों को लेकर जिला कलेक्टर से बात कर आधे घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द कोई फैसला नहीं होता है तो सड़क जाम की जाएगी। जवान के भाई सुखवीर ने बताया - भाई जगवीर को शहीद का दर्जा दिया जाए और आर्थिक सहायता दी जाए। जब तक मांगें नहीं मानी जाएगी, शव नहीं लिया जाएगा। तिरंगा यात्रा निकली जानी थी। उसके लिए भी प्रशासन की ओर से कोई सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं करवाया गया। हमने अपने स्तर पर ही गाड़ी की व्यवस्था की। तीन महीने पहले ही आए थे छुट्टी पर जगवीर 1 जनवरी 2010 को बीआरओ में भर्ती हुए थे। वे BRO की जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) में तैनात थे। वह करीब तीन महीने पहले ही अवकाश पर घर आए थे और उसके बाद ड्यूटी पर लौटे थे। वे अपने पीछे पत्नी संतोष कुमारी, 13 साल के बेटे और 11 साल की बेटी को छोड़ गए हैं। उनके पिता जय सिंह रेपसवाल का 1998 में निधन हो गया था। मां कमला देवी और छोटे भाई सुखबीर रेपसवाल हैं।