बाड़मेर. सुरक्षा बंधन कार्यक्रम के तहत स्कूल में बेल्ट वितरित करते हुए। भास्कर न्यूज | बाड़मेर भारतीय ग्रामीण विकास एवं जागरूकता संस्था की सुरक्षा बंधन यात्रा के चौथे चरण के पहले दिन शनिवार को नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर स्थित राजकीय स्कूलों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चला। विद्यार्थियों को सुरक्षा बंधन रिफ्लेक्टर बेल्ट का महत्व बताया गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत धीमी गति वाले वाहनों पर रिफ्लेक्टिव सामग्री लगाने का संदेश दिया गया। यात्रा सुबह जालीपा से शुरू हुई। तय कार्यक्रम के अनुसार हरसाणी फांटा, भाड़खा, निम्बला, शिव, गूंगा, देवका, खोड़ाल के स्कूलों तक पहुंची। विद्यार्थियों, शिक्षकों, ग्रामीणों को बताया गया कि रात में सड़क पर घूमने वाले निराश्रित पशु, बिना रिफ्लेक्टर चलने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क हादसों की बड़ी वजह हैं। पशुओं के गले में रिफ्लेक्टर बेल्ट, वाहनों पर रिफ्लेक्टिव स्टिकर लगेंगे तो दूर से पहचान हो जाएगी। कई हादसे रुकेंगे। यात्रा के दौरान दल ने कई जगह सुरक्षा बंधन रिफ्लेक्टर बेल्ट बांधे। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टिव स्टिकर लगाने के लिए लोगों को प्रेरित किया। अभियान संयोजक महेन्द्र सिंह तारतरा ने कहा कि चौथे चरण का उद्देश्य नेशनल, स्टेट हाईवे से जुड़े उच्च माध्यमिक स्कूलों तक पहुंचना है। नई पीढ़ी को सड़क सुरक्षा से जोड़ना है। विद्यार्थी जागरूक होंगे तो परिवार, समाज में सुरक्षित यातायात की संस्कृति बनेगी। उन्होंने बताया कि अभियान में अब तक हजारों निराश्रित पशुओं के गले में रिफ्लेक्टर बेल्ट लगाए जा चुके हैं।