डूंगरपुर जिले में सागवाड़ा नगरपालिका में अधिशासी अधिकारी के चैंबर में सफाई ठेकेदार ने पूर्व पालिकाध्यक्ष आशीष गांधी पर मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़ित ठेकेदार ने सागवाड़ा थाने में आशीष गांधी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सफाई ठेकेदार इरफान ने बताया कि वे नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी मोहम्मद सुहेल शेख के चैंबर में अपने कार्य को लेकर चर्चा कर रहे थे। उसी दौरान वहां मौजूद पूर्व पालिकाध्यक्ष आशीष गांधी ने अधिशासी अधिकारी से ठेकेदार द्वारा काम नहीं करने के आरोप लगाए। कहासुनी के बाद मामला बढ़ा इस पर ठेकेदार इरफान ने जवाब दिया कि आशीष गांधी अब पालिकाध्यक्ष नहीं हैं, इसलिए उनके काम में दखल क्यों दे रहे हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। कहासुनी के बाद पूर्व पालिकाध्यक्ष आशीष गांधी ने ठेकेदार के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इस घटना से नगरपालिका परिसर में कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। पीड़ित सफाई ठेकेदार मोहम्मद इरफान का आरोप है कि उनसे कमीशन की मांग की जा रही थी और इसी कारण यह विवाद हुआ। मारपीट की घटना के बाद ठेकेदार ने मामले को लेकर सागवाड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है और पूर्व पालिकाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि सफाई ठेकेदार इरफान के पिता भी पूर्व में नगरपालिका में उपाध्यक्ष रह चुके हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर शहर में चर्चा का माहौल है। कुछ लोग इसे राजनीतिक द्वेषता से भी जोड़कर देख रहे हैं। आरोपी ने सभी आरोप गलत और बेबुनियाद बताए सागवाड़ा नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष आशीष गांधी ने बताया कि इरफान नगरपालिका के निलंबित पूर्व उपाध्यक्ष के बेटे है। उनके पिता पर गलत पट्टे जारी करने के आरोप में सरकार ने निलंबित कर दिया था। वह गलत पट्टे देने के लिए बार-बार दबाव डाल रहा था, लेकिन पट्टे नहीं दिए। इस वजह से वह रंजिश रखता था। उसके पास नगरपालिका का अभी कोई ठेका भी नहीं है। बावजूद वह पालिका आया था। उसकी ओर से मारपीट के लगाए गए सभी आरोप गलत और बेबुनियाद है।