फिल्म अभिनेता सलमान खान से जुड़े भ्रामक विज्ञापन मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ आया है। राजस्थान राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने अहम फैसला सुनाते हुए सलमान खान को मिली अंतरिम राहत खत्म कर दी है। आयोग ने निचली अदालत (कोटा जिला आयोग) के उस आदेश पर लगी रोक हटा दी है, जिसमें उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया था। उस आपत्ति के बाद आया था, जिसमें उन्होंने दस्तावेजों पर सलमान खान के हस्ताक्षरों को फर्जी बताया था। सलमान खान ने आयोग में अपील की थी जिला आयोग के इस आदेश के खिलाफ सलमान खान ने आयोग में अपील की थी। फरवरी 2026 में कोटा में राज्य उपभोक्ता आयोग की सर्किट बेंच में इस पर लंबी बहस हुई। राज्य आयोग के अध्यक्ष व पूर्व जस्टिस देवेंद्र कछावा और सदस्य करुणा जैन ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सलमान खान की याचिकाओं को खारिज कर दिया। आयोग के इस फैसले के बाद अब सलमान खान को कोटा जिला कोर्ट के आदेशों का पालन करना अनिवार्य होगा। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल 2026 को तय की गई है। पहले व्यक्तिगत रूप से पेश होने के दिए थे आदेश एडवोकेट रिपुदमन सिंह ने बताया कि कोटा जिला उपभोक्ता आयोग ने 26 दिसंबर 2025 को आदेश दिया था कि सलमान खान 20 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हों, एफिडेविट दें और अपने हस्ताक्षर करें। पहले याचिका हो गई थी खारिज उन्होंने दस्तावेजों पर सलमान खान के हस्ताक्षरों को फर्जी बताया था। जिला आयोग के इस आदेश के खिलाफ सलमान खान ने राज्य आयोग में अपील की थी। फरवरी 2026 में कोटा में राज्य उपभोक्ता आयोग की सर्किट बेंच में इस पर लंबी बहस हुई। राज्य आयोग के अध्यक्ष व पूर्व जस्टिस देवेंद्र कछावा और सदस्य करुणा जैन ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सलमान खान की याचिकाओं को खारिज कर दिया।