सलूंबर जिले के झल्लारा ब्लॉक के क्षेत्रवासियों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें वर्षों से बिलानाम (सरकारी/गैर-खातेदारी) भूमि पर काबिज आदिवासी किसानों को मालिकाना हक और पट्टे दिलाने की मांग की गई है। सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, सलूंबर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आदिवासी समुदाय के लोग पीढ़ियों से ऐसी जमीनों पर काबिज हैं और खेती-बाड़ी कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आदिवासी इस देश के मूल निवासी हैं और पूर्वजों की परंपरा के कारण उन्होंने कभी जमीन के कागजीकरण या आवंटन की आवश्यकता महसूस नहीं की थी। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को बताया कि वर्तमान में गांवों में 'ग्रामीण सेवा शिविरों' का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि इन शिविरों के माध्यम से उन सभी पात्र आदिवासी किसानों को चिह्नित कर भूमि का आवंटन किया जाए जो लंबे समय से बिलानाम भूमि पर काबिज हैं। ये रहे मौजूद इस ज्ञापन पर मुख्य रूप से ग्राम पंचायत आमलवा (झल्लारा) की प्रशासक कालू देवी मीणा, जितेंद्र मीणा, खाकुलाल, गोपाल सहित झल्लारा ब्लॉक के कई क्षेत्रवासियों के हस्ताक्षर और सहमति शामिल है।